UP Weather Update 16 July 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और 16 जुलाई, गुरुवार से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा जारी दैनिक मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले सात दिनों तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 19 जुलाई से भारी वर्षा की संभावना बढ़ेगी.
16 जुलाई से 22 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम
| तारीख | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | पूर्वी उत्तर प्रदेश |
|---|---|---|
| 16 जुलाई, गुरुवार | कहीं-कहीं वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की बहुत संभावना | कहीं-कहीं वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की बहुत संभावना |
| 17 जुलाई, शुक्रवार | कहीं-कहीं वर्षा और वज्रपात | कुछ स्थानों पर वर्षा और वज्रपात की बहुत संभावना |
| 18 जुलाई, शनिवार | कुछ स्थानों पर वर्षा | अनेक स्थानों पर वर्षा और वज्रपात |
| 19 जुलाई, रविवार | अनेक स्थानों पर वर्षा | लगभग सभी स्थानों पर वर्षा |
| 20 जुलाई, सोमवार | अनेक स्थानों पर वर्षा | लगभग सभी स्थानों पर वर्षा |
| 21 जुलाई, मंगलवार | अनेक स्थानों पर वर्षा | लगभग सभी स्थानों पर वर्षा |
| 22 जुलाई, बुधवार | बुलेटिन में पूर्वानुमान 21 जुलाई तक उपलब्ध है | बुलेटिन में पूर्वानुमान 21 जुलाई तक उपलब्ध है |
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार 16 और 17 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी. 17 जुलाई से भारी बारिश का खतरा बढ़ सकता है. 18 जुलाई को भी कई स्थानों पर भारी वर्षा होने के संकेत हैं. 19 जुलाई से 21 जुलाई तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी वर्षा की बहुत अधिक संभावना जताई गई है. ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बढ़ेगी बारिश
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 और 17 जुलाई को उमस के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रह सकता है. 18 जुलाई तक किसी विशेष चेतावनी का उल्लेख नहीं है, लेकिन 19 जुलाई से 21 जुलाई के बीच कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है. इससे कृषि क्षेत्रों को राहत मिल सकती है, हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ट्रैफिक की परेशानी बढ़ सकती है.
मौसम विभाग की चेतावनी
| तारीख | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | पूर्वी उत्तर प्रदेश |
|---|---|---|
| 16 जुलाई | गर्मी और उमस भरी स्थिति | गर्मी और उमस भरी स्थिति |
| 17 जुलाई | कोई चेतावनी नहीं | कहीं-कहीं भारी वर्षा |
| 18 जुलाई | कोई चेतावनी नहीं | कहीं-कहीं भारी वर्षा |
| 19 जुलाई | कहीं-कहीं भारी वर्षा | कहीं-कहीं भारी वर्षा |
| 20 जुलाई | कहीं-कहीं भारी वर्षा | कहीं-कहीं भारी वर्षा |
| 21 जुलाई | कहीं-कहीं भारी वर्षा | कहीं-कहीं भारी वर्षा |
लोगों पर क्या होगा असर
लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे उमस से राहत मिलेगी. हालांकि भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव, ट्रैफिक जाम, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और ग्रामीण इलाकों में कच्चे रास्तों पर आवाजाही कठिन हो सकती है. गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों में मौजूद लोगों के लिए जोखिम बढ़ सकता है. किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा.
क्या बरतें सावधानी
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों.
- भारी बारिश के समय अनावश्यक यात्रा से बचें.
- जलभराव वाले मार्गों से वाहन निकालने में सावधानी रखें.
- मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.
- किसान खेतों में काम करते समय बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर चले जाएं.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ.
FAQ
1. 16 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना अधिक है.
2. क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश होगी?
19 जुलाई से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कहीं-कहीं इलाकों में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है.
3. क्या वज्रपात का खतरा बना रहेगा?
हां. 16 और 17 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना बताई गई है.
4. किसानों के लिए सबसे जरूरी सलाह क्या है?
बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम न करें और जलनिकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें.
5. क्या इस दौरान यात्रा करना सुरक्षित रहेगा?
यदि आपके क्षेत्र में भारी बारिश या गरज-चमक की चेतावनी जारी हो तो मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करें और प्रशासन की सलाह का पालन करें.


