UP Weather Update 19 July 2026: उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां अब और तेज होने जा रही हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार 19 जुलाई 2026, रविवार से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने से अगले 2 से 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में लगभग 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. इससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
19 जुलाई से 22 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से 22 जुलाई तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत अधिक संभावना है. कई जिलों में लगातार चार दिनों तक बारिश का दौर बना रह सकता है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्षा की तीव्रता अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना जताई गई है.
19 जुलाई 2026, रविवार का मौसम
| क्षेत्र | मौसम का पूर्वानुमान | चेतावनी |
|---|---|---|
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश | लगभग सभी स्थानों पर वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें | कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा. कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | लगभग सभी स्थानों पर वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें | कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा. कुछ स्थानों पर मेघगर्जन और वज्रपात |
इन जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर और आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है.

भारी बारिश वाले प्रमुख जिले
गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, गोंडा, हरदोई, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल और बदायूं सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है.
मेघगर्जन और वज्रपात का सबसे अधिक खतरा
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, उन्नाव, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका बनी हुई है.

20 और 21 जुलाई को भी बारिश का रहेगा जोर
20 जुलाई, सोमवार को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में वर्षा जारी रहने का अनुमान है. कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश तथा वज्रपात की संभावना बनी रहेगी. 21 जुलाई, मंगलवार को भी प्रदेश के अनेक हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है.
22 जुलाई, बुधवार को भी जारी रहेगा असर
22 जुलाई को भी दोनों क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना बनी रहेगी. हालांकि अत्यधिक भारी वर्षा वाले क्षेत्रों की संख्या पहले की तुलना में कम हो सकती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी.
बारिश का जनजीवन पर संभावित असर
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों, अंडरपास, गांवों और शहरों के जलभराव वाले हिस्सों में पानी भर सकता है. नदियों और छोटे जलस्रोतों के जलस्तर में बढ़ोतरी संभव है. कच्चे मकानों, कमजोर दीवारों और पेड़ों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा. कई स्थानों पर सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है. बिजली आपूर्ति में स्थानीय व्यवधान और कृषि क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है. तेज मेघगर्जन और वज्रपात खुले क्षेत्रों में मौजूद लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकते हैं.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें. जलभराव वाले मार्गों और तेज बहाव वाले नालों को पार करने का प्रयास न करें. मेघगर्जन के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. मौसम खराब होने पर सुरक्षित भवन में शरण लें. वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें और दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें. स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें.
कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना
19 जुलाई 2026, रविवार से उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है. प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार कई दिनों तक बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है. तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट से गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन मौसम से जुड़े जोखिमों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा 18 जुलाई 2026 को जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी बुलेटिन.
FAQs
1. उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश कब होने की संभावना है?
19 जुलाई से 21 जुलाई 2026 के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
2. किन जिलों में बहुत भारी बारिश का सबसे अधिक खतरा है?
महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, पीलीभीत और शाहजहांपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में सबसे अधिक संभावना है.
3. क्या तापमान में भी बदलाव आएगा?
हां. मानसून सक्रिय होने से अगले 2 से 3 दिनों में तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है.
4. क्या पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश होगी?
मौसम विभाग के अनुसार 19 से 22 जुलाई के बीच पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी स्थानों पर वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.
5. बिजली गिरने के दौरान सबसे सुरक्षित उपाय क्या हैं?
खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें, तुरंत किसी पक्के भवन के अंदर शरण लें और मौसम सामान्य होने तक बाहर न निकलें.


