Ayodhya News: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के स्वच्छता एवं बागवानी प्रकोष्ठ द्वारा कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के विशेष निर्देश पर विश्वविद्यालय परिसर में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय औषधीय पौधों के महत्व का प्रचार-प्रसार कर विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था. आज के वृक्षारोपण कार्यशाला के अंतर्गत परिसर स्थित “कलात्मक जीवंत वाटिका” में डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्व विद्यालय लखनऊ के ललित कला विभाग के आचार्य डॉ. अवधेश मिश्र ने आम के वृक्ष का रोपण किया.
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ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के फैकल्टी ऑफ फार्मेसी की निदेशक प्रो. शालिनी त्रिपाठी ने परिसर में अमरूद का पौधा रोपित किया और कहा कि अमरूद विटामिन सी, आहार रेशा एवं विभिन्न एंटीऑक्सीडेंट्स का उत्कृष्ट स्रोत है. इसकी पत्तियाँ पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में दस्त, मुख एवं मसूड़ों के संक्रमण तथा पाचन संबंधी समस्याओं में उपयोगी मानी जाती हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक औषधीय एवं फलदार पौधों के रोपण एवं संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया.
लखनऊ विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज़ के निदेशक प्रो. पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने इमली का पौधा रोपित कर “एक वृक्ष माँ के नाम” अभियान को अपना समर्थन प्रदान किया. उन्होंने बताया कि इमली के फल, पत्तियाँ एवं छाल का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में लंबे समय से किया जाता रहा है. इमली में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन एवं खनिज तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने तथा शरीर के समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं. उन्होंने कहा कि इमली का वृक्ष पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा हरित आवरण बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है.
इस अवसर पर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के संयोजक प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि “एक वृक्ष माँ के नाम” यह प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण का एक जन-आंदोलन है. आज के वृक्षारोपण कार्यशाला में पच्चास से अधिक फलदार वृक्षो को परिसर में रोपित किया गया इस अवसर पर प्रो. के के वर्मा, डॉ. रीमा सिंह, डॉ. अंकुर श्रीवास्तव के साथ बड़ी संख्या में परिसर के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों सहित विश्वविद्यालय के अनेक कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की.
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कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी नागरिकों से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने एवं उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण, शुद्ध वायु, स्वस्थ जीवन और सुरक्षित भविष्य की अमूल्य धरोहर है.


