Weather Update 19 July 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 19 जुलाई 2026 से देश के मौसम में क्षेत्रवार अलग-अलग तस्वीर देखने को मिलेगी. उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में अगले 6 से 7 दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है. कई राज्यों में भारी, बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में वर्षा गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने पर्वतीय राज्यों, नदी किनारे रहने वाले लोगों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है.
अगले 6 से 7 दिनों तक कैसा रहेगा मानसून
IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की सक्रियता बनी रहेगी. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इनमें कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की भी संभावना है. दूसरी ओर पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से कम वर्षा गतिविधियां दर्ज हो सकती हैं.
कहां रहेगा सबसे ज्यादा भारी बारिश का खतरा
| राज्य / क्षेत्र | 19 जुलाई के बाद प्रमुख स्थिति |
|---|---|
| उत्तराखंड | 19-20 जुलाई भारी से बहुत भारी बारिश. कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की संभावना |
| हिमाचल प्रदेश | 20-21 जुलाई भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा |
| जम्मू-कश्मीर-लद्दाख | 20-21 जुलाई भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश |
| उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम | 19 जुलाई तक भारी से बहुत भारी वर्षा |
| अरुणाचल प्रदेश | 19 जुलाई बहुत भारी वर्षा की संभावना |
| असम एवं मेघालय | 19-20 जुलाई बहुत भारी वर्षा |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | 18-24 जुलाई अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर |
| छत्तीसगढ़ | 20-23 जुलाई भारी बारिश. 18-19 जुलाई कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना |
उत्तर-पश्चिम भारत का मौसम
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 19 जुलाई से लगातार कई दिनों तक व्यापक वर्षा गतिविधियां बनी रहेंगी. उत्तराखंड में 19 और 20 जुलाई को भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 20 और 21 जुलाई को इसी तरह की स्थिति बन सकती है.
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 20 से 23 जुलाई के बीच वर्षा की गतिविधियां बढ़ेंगी. 19 जुलाई और 23 जुलाई को भारी वर्षा की संभावना जताई गई है. 20 से 22 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा भी हो सकती है.
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 जुलाई से बारिश का दायरा बढ़ेगा. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 24 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है.
राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भी 20 से 24 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है. साथ ही गरज-चमक और 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की संभावना है.
मध्य भारत का मौसम
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 19 जुलाई के दौरान गरज-चमक और तेज हवा चल सकती है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 24 जुलाई तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 और 24 जुलाई को फिर से भारी वर्षा हो सकती है.
छत्तीसगढ़ में 20 से 23 जुलाई के बीच भारी बारिश का दौर रहेगा, जबकि 18 और 19 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है.
विदर्भ में 21 से 24 जुलाई के बीच वर्षा गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
पूर्वी भारत में बारिश का हाल
बिहार में 21 से 24 जुलाई तक भारी वर्षा की संभावना है, जबकि 18 से 20 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है.
झारखंड में 18 से 21 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है.
ओडिशा में 18 से 20 जुलाई तक भारी बारिश और 20 से 24 जुलाई तक वर्षा गतिविधियां जारी रहने की संभावना है.
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना रहेगा. 20 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना भी व्यक्त की गई है.
पूर्वोत्तर भारत में मानसून रहेगा बेहद सक्रिय
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक व्यापक वर्षा गतिविधियां बनी रहेंगी.
अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में 19 जुलाई को भी बहुत भारी बारिश की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18 से 22 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है.
पश्चिम भारत का मौसम
कोंकण-गोवा में 24 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है. गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. गुजरात क्षेत्र में 18 जुलाई को भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना जताई गई थी, जबकि मध्य महाराष्ट्र और कोंकण-गोवा में 21 से 23 जुलाई के दौरान भारी वर्षा हो सकती है.
दक्षिण भारत का मौसम
केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने का अनुमान है.
केरल और माहे में 18 से 20 जुलाई तक भारी वर्षा की संभावना है. तटीय कर्नाटक में 18 और 19 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है. कई क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने की भी संभावना है.
गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और अन्य कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
गर्म और उमस भरे मौसम का अलर्ट
19 जुलाई की शुरुआत में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में गर्म और उमस भरे मौसम की स्थिति बनी रहने की संभावना है. इसके बाद वर्षा गतिविधियां बढ़ने से मौसम में राहत मिल सकती है.
आम लोगों पर संभावित असर
- पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क बंद होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं.
- निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है.
- नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है.
- बिजली गिरने और तेज हवाओं से खुले क्षेत्रों में खतरा बढ़ सकता है.
- यात्रा, सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है.
- कृषि कार्यों और निर्माण गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है.
मौसम विभाग की सावधानियां
- भारी बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें.
- पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें.
- गरज-चमक के समय खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों.
- मौसम की ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखें.
- आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें.
समय-समय पर आधिकारिक अपडेट देखते रहें
19 जुलाई 2026 से देश के बड़े हिस्से में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है. विशेष रूप से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भारी से अत्यंत भारी वर्षा की आशंका के कारण अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत है. वहीं पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में वर्षा अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती है. मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और समय-समय पर आधिकारिक अपडेट देखना सुरक्षित रहने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम होगा.
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग का आधिकारिक राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन और मौसम संबंधी चेतावनी,
FAQ
1. 19 जुलाई 2026 को सबसे ज्यादा भारी बारिश का खतरा किन राज्यों में है?
उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय तथा आगे चलकर हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक खतरा है.
2. क्या दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश बढ़ेगी?
हां. हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 20 से 23 जुलाई के बीच वर्षा गतिविधियां बढ़ने तथा कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना है.
3. क्या पहाड़ी इलाकों की यात्रा सुरक्षित रहेगी?
भारी वर्षा और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रा से पहले मौसम और प्रशासन की सलाह जरूर जांचें.
4. किन राज्यों में बारिश अपेक्षाकृत कम रहेगी?
मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिनों तक पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में वर्षा गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है.
5. बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान क्या करें?
खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें, सुरक्षित भवन में शरण लें और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों का पालन करें.


