UP Weather Update 29 July 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ ने 29 जुलाई 2026, बुधवार के लिए उत्तर प्रदेश में बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना जताई है. विभाग के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी. कई जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात तथा कहीं-कहीं भारी बारिश होने की आशंका है. मौसम विभाग ने विशेष रूप से संवेदनशील जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
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29 जुलाई का मौसम कैसा रहेगा
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 29 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत अधिक संभावना है. इसके साथ ही कई इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है.
मौसम विभाग का कहना है कि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. इसलिए निचले इलाकों, नदी किनारे रहने वाले लोगों और किसानों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.
29 जुलाई के लिए मौसम चेतावनी
| क्षेत्र | चेतावनी |
|---|---|
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश | कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ वज्रपात. कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ वज्रपात. कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना |
किन जिलों में भारी बारिश की संभावना अधिक
मौसम विभाग के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान के अनुसार 29 जुलाई (0830 IST से 30 जुलाई 0830 IST तक) निम्न जिलों में भारी वर्षा की संभावना अधिक है.
सोनभद्र, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, महोबा, झांसी, ललितपुर तथा आसपास के क्षेत्र.
इन जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात का खतरा अधिक
बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर तथा आसपास के क्षेत्र.
अगले कुछ दिनों का मौसम
| तारीख | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | पूर्वी उत्तर प्रदेश |
|---|---|---|
| 29 जुलाई, बुधवार | अनेक स्थानों पर बारिश और गरज-चमक | कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक |
| 30 जुलाई, गुरुवार | कुछ स्थानों पर बारिश | कहीं-कहीं बारिश |
| 31 जुलाई, शुक्रवार | कुछ स्थानों पर बारिश | कहीं-कहीं बारिश |
| 1 अगस्त, शनिवार | अनेक स्थानों पर बारिश | कुछ स्थानों पर बारिश |
मौसम विभाग के अनुसार 30 जुलाई तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. इसके बाद चेतावनी का स्तर कम होने की संभावना है.
मौसम का संभावित असर
- भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है.
- तेज बारिश के दौरान सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है.
- मेघगर्जन और वज्रपात के समय खुले क्षेत्रों में रहना जोखिम भरा हो सकता है.
- खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों पर स्थानीय प्रभाव पड़ सकता है.
- तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- मेघगर्जन के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें.
- बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें.
- जलभराव वाले मार्गों पर वाहन सावधानी से चलाएं.
- मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखें.
- किसान बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें.
विशेषज्ञों की सलाह
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून सक्रिय रहने के कारण स्थानीय स्तर पर बारिश की तीव्रता में अंतर हो सकता है. इसलिए किसी भी जिले में मौसम तेजी से बदल सकता है. प्रशासन और नागरिकों को आधिकारिक मौसम बुलेटिन के अनुसार ही निर्णय लेने चाहिए.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ.
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FAQs
1. 29 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मौसम का खतरा किस बात का है?
मेघगर्जन, वज्रपात और कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना सबसे प्रमुख चेतावनी है.
2. क्या पूरे उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होगी?
नहीं. भारी बारिश की संभावना केवल कुछ चिन्हित जिलों में अधिक बताई गई है, जबकि अन्य स्थानों पर सामान्य बारिश या बौछारें हो सकती हैं.
3. क्या 30 जुलाई के बाद मौसम में सुधार होगा?
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 30 जुलाई के बाद भारी बारिश की चेतावनी का स्तर कम होने की संभावना है, हालांकि कई क्षेत्रों में बारिश जारी रह सकती है.
4. किसानों को इस दौरान क्या सावधानी रखनी चाहिए?
बिजली चमकने के समय खेतों में काम न करें, मौसम अपडेट देखते रहें और जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखें.
5. मौसम की सबसे भरोसेमंद जानकारी कहां से लें?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन और चेतावनियों का ही पालन करें.


