Monsoon Health Tips: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं वायरस और बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण भी बनाता है. हवा में बढ़ी नमी, जगह-जगह जमा पानी और तापमान में लगातार बदलाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल सकता है. इस मौसम में बुखार, सर्दी, खांसी, गले में दर्द और शरीर दर्द जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है.
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कुछ आसान घरेलू उपाय और अच्छी जीवनशैली अपनाकर वायरल बुखार से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है-
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
बारिश के मौसम में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है. साफ और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने की आदत संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद करती है. - गर्म और ताजा भोजन करें
बासी, खुले या लंबे समय तक बाहर रखे भोजन से बचें. घर का ताजा और गर्म खाना शरीर को जरूरी पोषण देता है और संक्रमण का खतरा कम करता है. - इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ खाएं
विटामिन C से भरपूर फल, हरी सब्जियां, आंवला, नींबू, संतरा और प्रोटीन युक्त भोजन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाने में मदद करते हैं. - तुलसी, अदरक और हल्दी का सेवन करें
तुलसी, अदरक और हल्दी पारंपरिक रूप से सर्दी-जुकाम के मौसम में उपयोग किए जाते हैं. इन्हें संतुलित मात्रा में भोजन या गर्म पेय के साथ लिया जा सकता है. हालांकि इन्हें इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए. - पर्याप्त नींद लें
रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. नींद की कमी संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकती है. - हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें
खाना खाने से पहले, बाहर से आने के बाद और छींकने या खांसने के बाद साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं. जरूरत पड़ने पर अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें. - भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें
बारिश में भीगने के बाद लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने से शरीर का तापमान प्रभावित हो सकता है. घर पहुंचते ही सूखे कपड़े पहनें और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं. - नियमित हल्की एक्सरसाइज करें
हल्की वॉक, योग या स्ट्रेचिंग जैसी गतिविधियां शरीर को सक्रिय रखती हैं और इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकती हैं. - भीड़भाड़ और संक्रमित लोगों से दूरी रखें
यदि आसपास किसी को वायरल संक्रमण है तो अनावश्यक संपर्क से बचें. जरूरत पड़ने पर मास्क पहनना भी उपयोगी हो सकता है, खासकर बंद जगहों में. - बुखार आने पर खुद दवा लेने से बचें
यदि तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, लगातार कमजोरी या तीन दिन से अधिक समय तक बुखार बना रहे तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें. बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं न लें क्योंकि वायरल संक्रमण में इनकी जरूरत हमेशा नहीं होती.
किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
यदि बुखार के साथ तेज सिरदर्द, लगातार उल्टी, सांस लेने में कठिनाई, बहुत अधिक कमजोरी, बेहोशी, शरीर पर चकत्ते या डेंगू और मलेरिया जैसे संक्रमण की आशंका वाले लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल जाएं. मानसून में हर बुखार वायरल ही हो, यह जरूरी नहीं है.
Sources: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), Centers for Disease Control and Prevention (CDC).


