मध्य प्रदेश के ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) विकसित किया जाएगा. इस परियोजना का उद्देश्य भारत को दूरसंचार उपकरण निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाना है. पहले चरण में यह परियोजना 170 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी, जहां निवेशकों को आधुनिक सुविधाएं और विभिन्न प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जाएंगे.
परियोजना के लिए निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से मुंबई में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए.
पहले चरण में 170 एकड़ में बनेगा TMZ
सरकार के अनुसार टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन का पहला चरण 170 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा.
इसमें 70 एकड़ का पहले से मौजूद आईटी पार्क शामिल होगा, जबकि परियोजना के विस्तार के लिए अतिरिक्त 100 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी.
उद्योगों को मिलेगा आधुनिक बुनियादी ढांचा
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर में बनने वाला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन कंपनियों को एक ही परिसर में कई आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा.
यहां विनिर्माण इकाइयों के साथ उत्पादों की जांच के लिए प्रयोगशालाएं और नई तकनीकों पर अनुसंधान एवं विकास से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी.
निवेशकों के लिए कई प्रोत्साहन
परियोजना के तहत निवेश करने वाली कंपनियों के लिए विभिन्न प्रोत्साहनों की घोषणा की गई है.
इनमें भूमि से जुड़े शुल्क में राहत, बिजली पर छूट, कर्मचारियों की भर्ती के आधार पर आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण में सहयोग तथा बड़ी परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
रोजगार बढ़ाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है.
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से कंपनियों को कर्मचारियों की संख्या के आधार पर आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराएगी.
दूरसंचार निर्माण में भारत को आगे ले जाने की तैयारी
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत ने 5जी तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और अब दूरसंचार उपकरण निर्माण में भी वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
उन्होंने कहा कि पहले भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन सीमित था और बड़ी संख्या में मोबाइल फोन आयात किए जाते थे. अब देश में लगभग 33 करोड़ मोबाइल फोन का उत्पादन हो रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया में बनने वाले एप्पल के लगभग 15 से 20 प्रतिशत मोबाइल फोन अब भारत में निर्मित किए जा रहे हैं.


