रांची, 9 अगस्त 2026. झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है. छात्रों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के बीच आज रांची में एक बार फिर बातचीत होने वाली है. इससे पहले सरकार और छात्र संगठनों के बीच शनिवार को बातचीत का एक दौर हुआ था. अब दूसरे दौर की बातचीत में छात्रों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर चर्चा आगे बढ़ने की उम्मीद है.
सरकार की ओर से बातचीत के लिए गठित पैनल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात कर छात्रों के साथ हुई पहली बैठक की प्रगति की जानकारी दी है. सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई है.
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JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर आंदोलन
छात्र JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए.
छात्रों का धरना पिछले 15 दिनों से जारी है. आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के सामने अपनी मांगों को विस्तार से रखा है. इनमें कुछ परीक्षाओं को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग शामिल है.
छात्र संगठनों और सरकार के बीच बातचीत शुरू होने के बाद अब आंदोलन को खत्म कराने के लिए दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है.
पहले दौर की बातचीत में क्या हुआ
सरकार और अलग-अलग छात्र समूहों के प्रतिनिधियों के बीच पहली उच्चस्तरीय बातचीत रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में हुई थी. बातचीत को सकारात्मक माहौल में होने की बात कही गई है.
सरकारी प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए प्रतिबद्ध है. छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लेने के लिए सरकार की ओर से एक आधिकारिक फीडबैक ईमेल आईडी भी जारी की गई है.
सरकार का प्रयास है कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों और सुझावों को एक प्रक्रिया के तहत लिया जाए और सुधार के लिए जरूरी कदमों पर विचार किया जाए.
छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं
आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं. इनमें कुछ परीक्षाओं को रद्द करना, कथित अनियमितताओं की CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार शामिल हैं.
छात्रों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाई जानी चाहिए और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों के बीच भरोसा कायम किया जाना जरूरी है.
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया है कि सरकार अलग-अलग संगठनों के साथ अलग-अलग बातचीत करके छात्र आंदोलन को विभाजित करने का प्रयास कर रही है. हालांकि, यह छात्र पक्ष का आरोप है और सरकार की ओर से इस आरोप की पुष्टि नहीं की गई है.
10 अगस्त को विधानसभा मार्च की तैयारी
बातचीत के साथ-साथ छात्रों ने अपना आंदोलन भी जारी रखने की बात कही है. छात्रों की ओर से 10 अगस्त को विधानसभा मार्च का प्रस्ताव रखा गया है.
रविंद्र पासवान के अनुसार, अगर उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से 50 हजार से लेकर एक लाख तक छात्र विधानसभा मार्च में शामिल हो सकते हैं.
8 अगस्त को भी JPSC-JSSC Reform Manch ने छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों से रांची पहुंचने की अपील की थी. इससे 10 अगस्त के प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर छात्रों की लामबंदी तेज होने के संकेत मिले हैं.
रांची में छात्रों ने किया फ्लैशलाइट प्रदर्शन
JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों ने शनिवार शाम रांची में फ्लैशलाइट प्रदर्शन भी किया. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई.
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
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सरकार और छात्रों के बीच फिर होगी बातचीत
आज होने वाली बातचीत को आंदोलन के अगले चरण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे पहले सरकार और छात्रों के बीच अलग-अलग दौर की बातचीत हो चुकी है. कुछ बैठकों के बावजूद मांगों पर अभी पूरी सहमति नहीं बन सकी है.
सरकार की ओर से परीक्षा प्रणाली में सुधार की बात कही गई है, जबकि छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं. ऐसे में आज की बातचीत में दोनों पक्षों के बीच आगे की दिशा तय होने की उम्मीद है.
अगर बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो छात्रों का 10 अगस्त का प्रस्तावित विधानसभा मार्च आंदोलन को और बड़ा रूप दे सकता है.


