नई दिल्ली: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी Foreign Portfolio Investors (FPIs) अगस्त के पहले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में लगातार खरीदारी करते नजर आए हैं. नवीनतम डिपॉजिटरी आंकड़ों के अनुसार, FPIs ने अगस्त में अब तक भारतीय इक्विटी बाजार में ₹12,921 करोड़ का निवेश किया है.
जुलाई में शुरू हुई विदेशी निवेशकों की खरीदारी का सिलसिला अगस्त में भी जारी रहा है. घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों को विदेशी निवेशकों की खरीदारी के पीछे प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है.
अगस्त में शेयर बाजार में बढ़ी विदेशी निवेशकों की खरीदारी
डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त के पहले सप्ताह में FPIs भारतीय इक्विटी बाजार में नेट खरीदार रहे. विदेशी निवेशकों ने इस अवधि में कुल ₹12,921 करोड़ का निवेश किया है.
इस खरीदारी से भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पूंजी का प्रवाह मजबूत रहने का संकेत मिलता है. जुलाई में भी FPIs की खरीदारी की रफ्तार बढ़ी थी और अब अगस्त में भी यह सिलसिला आगे बढ़ रहा है.
विदेशी निवेशकों की ओर से शेयर बाजार में निवेश को भारतीय कंपनियों के प्रदर्शन और घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है.
मजबूत घरेलू आधार से निवेशकों का भरोसा
FPIs की खरीदारी को घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी आधार से समर्थन मिलने की बात कही जा रही है. इसके अलावा कई कंपनियों के तिमाही नतीजे भी उम्मीद के मुताबिक मजबूत रहे हैं.
कंपनियों की कमाई में मजबूती विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार को आकर्षक बनाए रखने वाले कारकों में शामिल है. जुलाई में बनी खरीदारी की गति अगस्त में भी जारी रहने से बाजार में विदेशी निवेश को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं.
हालांकि, विदेशी निवेश का रुख आगे बाजार की स्थितियों, कंपनियों के प्रदर्शन और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा.
डेट मार्केट में मिला-जुला रुख
इक्विटी बाजार के मुकाबले विदेशी निवेशकों का डेट मार्केट में रुख मिला-जुला रहा है. अगस्त में अब तक FPIs ने General Limit route के जरिए डेट सिक्योरिटीज में ₹622 करोड़ का निवेश किया है.
इसके विपरीत Fully Accessible Route और Voluntary Retention Route के तहत विदेशी निवेशकों ने इस अवधि में ₹350 करोड़ से ज्यादा की निकासी की है.
इस तरह डेट बाजार में अलग-अलग निवेश मार्गों के तहत विदेशी निवेश का रुख एक जैसा नहीं रहा है.
General Limit Route में निवेश
General Limit route के जरिए विदेशी निवेशकों ने अगस्त में अब तक ₹622 करोड़ भारतीय डेट सिक्योरिटीज में लगाए हैं. यह निवेश बॉन्ड और अन्य डेट इंस्ट्रूमेंट्स में विदेशी पूंजी की भागीदारी को दर्शाता है.
वहीं, दूसरे निवेश मार्गों में निकासी देखी गई है. Fully Accessible और Voluntary Retention routes से ₹350 करोड़ से ज्यादा की राशि बाहर गई है.
जुलाई की खरीदारी का सिलसिला अगस्त में भी जारी
अगस्त में FPIs की खरीदारी को जुलाई में बने रुझान की निरंतरता के तौर पर देखा जा रहा है. विदेशी निवेशकों ने जुलाई में भारतीय शेयरों में खरीदारी की थी और अगस्त के पहले सप्ताह में भी उन्होंने इक्विटी में नेट खरीदारी बनाए रखी.
घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजों और भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत घरेलू आधार को निवेशकों के भरोसे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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आगे FPI फ्लो पर रहेगी नजर
अगस्त में अब तक ₹12,921 करोड़ की इक्विटी खरीदारी के बाद आने वाले हफ्तों में FPIs के निवेश रुख पर बाजार की नजर रहेगी.
विदेशी निवेश का प्रवाह भारतीय शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में से एक है. वैश्विक बाजारों की स्थिति, घरेलू आर्थिक आंकड़े, कंपनियों के तिमाही नतीजे और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता आगे FPI फ्लो को प्रभावित कर सकती है.
फिलहाल अगस्त के पहले सप्ताह में भारतीय इक्विटी बाजार में विदेशी निवेशकों की खरीदारी का रुख सकारात्मक बना हुआ है.


