Weather Update 13 August 2026: आज देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी रहने वाली है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 12 अगस्त को जारी ऑल इंडिया बुलेटिन के अनुसार, पूर्वी और मध्य भारत से लेकर उत्तर-पश्चिम, पूर्वोत्तर तथा दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा. कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है. मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी है.
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13 अगस्त को कहां सबसे ज्यादा बारिश का खतरा
13 अगस्त के पूर्वानुमान में गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं. यहां अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है. छत्तीसगढ़ में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, झारखंड, केरल एवं माहे, कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, तमिलनाडु-पुडुचेरी एवं कराईकल, उत्तराखंड, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है.
बंगाल और ओडिशा में अति भारी बारिश का अलर्ट
13 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मौसम सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. IMD ने दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर Heavy to Very Heavy Rainfall के साथ Extremely Heavy Rainfall की संभावना जताई है. ऐसे में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर जलजमाव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है. IMD के फ्लैश फ्लड आकलन में 13 अगस्त सुबह 11:30 बजे तक ओडिशा के Keonjhar, Mayurbhanj, Nayagarh, Puri और Sundargarh तथा गंगीय पश्चिम बंगाल के West Midnapore, East Midnapore, South 24 Parganas और Howrah में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में Low to Moderate Flash Flood Risk बताया गया है. उत्तर भारत में भी बारिश बढ़ेगी
उत्तर-पश्चिम भारत में 13 अगस्त से मौसम का असर कई क्षेत्रों में बढ़ने की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 से 18 अगस्त तक अलग-अलग दिनों में गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. 13 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. IMD के अनुसार उत्तराखंड में 13 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश में भी इसी दिन भारी बारिश हो सकती है.
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मानसूनी असर
राजस्थान में 13 अगस्त को खासकर पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान दिया गया है. IMD ने पूर्वी राजस्थान में 13 और 14 अगस्त को Heavy Rainfall की संभावना बताई है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 14 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है और आगे भी बारिश की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है. दिल्ली-NCR में कब बढ़ेगी बारिश
13 अगस्त को दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए मुख्य भारी बारिश का संकेत 14 अगस्त से मिलता है. IMD के अनुसार हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 14 से 18 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है. 13 अगस्त को पूरे क्षेत्र में व्यापक बारिश का अलर्ट नहीं दिया गया है, लेकिन आसपास के मौसम तंत्र और मानसूनी गतिविधियों के कारण स्थानीय स्तर पर बारिश या गरज-चमक हो सकती है. इसलिए दिल्ली-NCR में 14 अगस्त से बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखना जरूरी है.
पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 12 से 18 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. 13 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश तथा असम एवं मेघालय में भारी बारिश हो सकती है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय में आगे 15 से 18 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है.
दक्षिण भारत में बारिश और तेज हवाओं का असर
दक्षिण भारत में भी कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना रहेगा. केरल एवं माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं कुछ अन्य क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के झोंके आने की संभावना है.
गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा
13 अगस्त को मौसम का एक महत्वपूर्ण पहलू Thunderstorm और Lightning भी रहेगा. IMD ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने और गरज-चमक की संभावना जताई है. कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के झोंके भी आ सकते हैं. आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है.
13 अगस्त का मौसम एक नजर में
| क्षेत्र | 13 अगस्त का प्रमुख पूर्वानुमान |
|---|---|
| गंगीय पश्चिम बंगाल | भारी से बहुत भारी और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश |
| ओडिशा | भारी से बहुत भारी और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश |
| छत्तीसगढ़ | भारी से बहुत भारी बारिश |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | भारी बारिश, गरज-चमक |
| हिमाचल प्रदेश | भारी बारिश |
| उत्तराखंड | भारी बारिश, बिजली चमकने की संभावना |
| राजस्थान | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| पश्चिमी मध्य प्रदेश | भारी बारिश |
| गुजरात | भारी बारिश, गरज-चमक |
| कोंकण एवं गोवा | भारी बारिश |
| मध्य महाराष्ट्र | भारी बारिश |
| केरल एवं माहे | भारी बारिश |
| कर्नाटक | भारी बारिश, कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं और गरज-चमक |
| पूर्वोत्तर भारत | बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक |
यह सारांश IMD के 13 अगस्त के Day 2 पूर्वानुमान पर आधारित है.
बारिश का आम लोगों पर क्या असर पड़ सकता है
भारी बारिश वाले इलाकों में सबसे पहली समस्या जलजमाव की हो सकती है. निचले क्षेत्रों, अंडरपास और खराब जल निकासी वाली सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात की रफ्तार कम हो सकती है. IMD ने भारी बारिश की स्थिति में स्थानीय बाढ़, सड़कों पर पानी भरने, कम दृश्यता, यातायात बाधित होने, कच्ची सड़कों को नुकसान और कमजोर संरचनाओं पर असर जैसी संभावनाओं को रेखांकित किया है. पहाड़ी इलाकों में स्थानीय स्तर पर भूस्खलन या मलबा आने का जोखिम भी बढ़ सकता है.
कृषि क्षेत्र में भी अतिरिक्त बारिश का असर पड़ सकता है. ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और कई अन्य क्षेत्रों के लिए IMD ने खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, जल निकासी व्यवस्था खुली रखने और जरूरत के अनुसार फसलों तथा बागवानी पौधों को सहारा देने की सलाह दी है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में सोयाबीन, मक्का, धान और सब्जियों के खेतों में जलभराव रोकने तथा भारी बारिश के दौरान सिंचाई, उर्वरक और पौध संरक्षण गतिविधियों को परिस्थितियां सामान्य होने तक टालने की सलाह दी गई है.
मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी
13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के पास मौसम खराब रहने की संभावना को देखते हुए समुद्री गतिविधियों में सावधानी जरूरी है. IMD ने 13 से 15 अगस्त के दौरान उत्तर आंध्र प्रदेश तट के पास और बंगाल की खाड़ी के संबंधित हिस्सों में खराब समुद्री परिस्थितियों को लेकर चेतावनी दी है. 12 अगस्त के बुलेटिन में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों के लिए भी मछुआरों को समुद्री मौसम की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है.
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अगले दिनों में भी बना रहेगा बारिश का दौर
13 अगस्त के बाद भी मानसूनी गतिविधियां थमने वाली नहीं हैं. 14 अगस्त को छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. 15 और 16 अगस्त को भी पूर्वोत्तर, मध्य भारत, उत्तर भारत और कई अन्य क्षेत्रों में बारिश जारी रहने का अनुमान है. यानी 13 अगस्त को देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून के बीच सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी.


