Jaipur, August 19: राजस्थान में राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को वन स्टेट-वन इलेक्शन के तहत 309 नगरीय निकायों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है. इनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगरपालिकाएं शामिल हैं. राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने प्रेस वार्ता में चुनाव कार्यक्रम की जानकारी दी. चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है.
इन क्षेत्रों में नए विकास कार्यों और स्थानांतरणों पर रोक लगा दी गई है. नगरीय निकायों के चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे. पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान होगा. मतगणना 14 सितंबर को की जाएगी.
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309 नगरीय निकायों में होंगे चुनाव
राजस्थान में होने वाले निकाय चुनाव में कुल 309 नगरीय निकाय शामिल हैं. इनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगरपालिकाएं हैं.
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रदेश में इन चुनावों के लिए कुल 10,245 वार्ड हैं. मतदान के लिए 16,465 बूथ बनाए जाएंगे. चुनाव प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए 1,15,255 मतदान कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी.
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए 98,790 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी.
27 अगस्त से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
नगर निकायों में सदस्य पद के चुनाव के लिए 27 अगस्त को लोक अधिसूचना जारी की जाएगी. इसके बाद 31 अगस्त तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे.
1 सितंबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी. प्रत्याशी 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक अपना नामांकन वापस ले सकेंगे. 4 सितंबर को चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा.
इसके बाद पहले चरण के लिए 9 सितंबर और दूसरे चरण के लिए 11 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा. दोनों चरणों के मतदान के बाद 14 सितंबर को मतगणना होगी.
अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को चुनाव
नगर निकायों के अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया सदस्य पद के चुनाव के बाद शुरू होगी. अध्यक्ष पद के लिए 15 सितंबर को लोक अधिसूचना जारी की जाएगी.
16 सितंबर को नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे और 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी. 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. इसके बाद चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा.
अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को दोपहर 10 बजे से 2 बजे तक चुनाव कराया जाएगा. मतदान के तत्काल बाद मतगणना की जाएगी. उपाध्यक्ष पद के लिए 22 सितंबर को चुनाव की पूरी प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी.
1.44 करोड़ से ज्यादा मतदाता
राजस्थान के इन नगरीय निकाय चुनावों में कुल 1 करोड़ 44 लाख 3 हजार 853 मतदाता पंजीकृत हैं. इनमें सबसे ज्यादा मतदाता जयपुर नगर निगम में हैं, जबकि सबसे कम मतदाता इंद्रगढ़ नगरपालिका में हैं.
सभी निकायों में मतदान ईवीएम के जरिए कराया जाएगा. मतदान के दौरान पहचान के लिए चुनाव की घोषणा से पहले जारी पहचान पत्र का इस्तेमाल किया जा सकेगा.
उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की सीमा तय
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा भी निर्धारित की है. नगरपालिका वार्ड पार्षद के लिए अधिकतम खर्च सीमा 1.50 लाख रुपये रखी गई है.
नगर परिषद के वार्ड पार्षद के लिए यह सीमा 2.50 लाख रुपये और नगर निगम के वार्ड पार्षद के लिए 3.50 लाख रुपये होगी. चुनाव के बाद उम्मीदवारों को 15 दिनों के भीतर अपने चुनाव खर्च का ब्यौरा चुनाव अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करना होगा.
पर्यवेक्षकों की होगी नियुक्ति
चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए सभी जिलों में एक या उससे अधिक सामान्य पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे. इनके लिए वरिष्ठ IAS और RAS अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी.
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए मतदान कर्मचारियों और पुलिस बल की तैनाती की व्यवस्था की गई है.
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दो से अधिक संतान वाले प्रत्याशियों पर प्रतिबंध हटाया
इस बार नगरीय निकाय चुनाव में दो से अधिक संतान वाले प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है. यानी दो से अधिक संतान होने के आधार पर किसी प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने वाला नियम इस चुनाव में लागू नहीं होगा.
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. अब 309 नगरीय निकायों में चुनाव प्रक्रिया नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी.


