UP Weather Update 20 August 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून नया मोड़ लेने जा रहा है. वहीं, आज 20 अगस्त, गुरुवार से कई इलाकों में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के पूर्वानुमान के अनुसार, 20 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक हो सकती है.
20 अगस्त को कहां है भारी बारिश का अलर्ट
20 अगस्त की प्रभाव आधारित चेतावनी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पश्चिमी यूपी के हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर और आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना अधिक है. इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, फतेहपुर, जालौन और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
| तारीख | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | पूर्वी उत्तर प्रदेश |
|---|---|---|
| 20 अगस्त | कई स्थानों पर बारिश/गरज-चमक, कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश | कुछ स्थानों पर बारिश/गरज-चमक, कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश |
| 21 अगस्त | कुछ स्थानों पर बारिश, भारी बारिश की संभावना | कुछ स्थानों पर बारिश, भारी बारिश की संभावना |
| 22 अगस्त | कुछ स्थानों पर बारिश, कोई चेतावनी नहीं | कई स्थानों पर बारिश, भारी बारिश की संभावना |
| 23 अगस्त | कई स्थानों पर बारिश, कोई चेतावनी नहीं | कई स्थानों पर बारिश, कोई चेतावनी नहीं |
21 अगस्त तक मौसम का असर
मौसम विभाग के अनुसार, 21 अगस्त को पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. 22 अगस्त को पश्चिमी यूपी में कोई चेतावनी नहीं है, जबकि पूर्वी यूपी में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी. 23 अगस्त से दोनों क्षेत्रों के लिए भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, कई स्थानों पर बारिश या गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. अधिकतम तापमान में अगले दो दिनों के दौरान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी और इसके बाद 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट का अनुमान है. न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.
भारी बारिश से क्या असर पड़ सकता है
तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी तथा खेतों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है. सड़कों पर फिसलन बढ़ने से यातायात प्रभावित हो सकता है. कच्चे मकानों, कमजोर दीवारों और असुरक्षित ढांचों को नुकसान की आशंका भी रहती है. भारी बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ सकता है.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें. बिजली चमकने पर पेड़ के नीचे शरण न लें और सुरक्षित पक्की जगह में रहें. निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें. नदी, नाले, तालाब और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें. घर में बिजली के उपकरणों को सुरक्षित रखें और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें.
किसानों के लिए मौसम सलाह
भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में खेत से अतिरिक्त पानी की निकासी का इंतजाम रखें. गन्ने में लंबे समय तक जलभराव फसल की जड़ों में सड़न बढ़ा सकता है. अरहर, धान, मूंगफली, तिल, उड़द-मूंग, खरीफ मक्का और सब्जी फसलों में अत्यधिक नमी से रोग तथा पौधों को नुकसान हो सकता है. खेतों में जलनिकासी बनाए रखना जरूरी है. भारी बारिश के दौरान कीटनाशक का छिड़काव न करने की सलाह दी गई है. केले और पपीते जैसे पौधों को सहारा दें तथा गिरे हुए फलों और पौधों से जल निकासी का रास्ता बाधित न होने दें.
Source: प्रादेशिक मौसम केंद्र, लखनऊ – IMD Uttar-Pradesh
FAQ
1. क्या 20 अगस्त को पूरे उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होगी?
नहीं. चेतावनी अलग-अलग इलाकों के लिए है. पश्चिमी यूपी में कई स्थानों पर बारिश और कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि पूर्वी यूपी में कुछ स्थानों पर बारिश और भारी बारिश की संभावना है.
2. 20 अगस्त को किन जिलों में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है?
हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई है. बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, फतेहपुर और जालौन में भी भारी बारिश की संभावना है.
3. क्या 21 अगस्त को भी बारिश जारी रहेगी?
हां. 21 अगस्त को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
4. क्या बारिश से खेती को नुकसान हो सकता है?
लंबे समय तक जलभराव से कई फसलों में जड़ सड़न, रोग और पौधों को नुकसान हो सकता है. इसलिए खेतों से अतिरिक्त पानी निकालना महत्वपूर्ण है.
5. बारिश और बिजली चमकने पर सबसे जरूरी सावधानी क्या है? खुले स्थान, पेड़, तालाब और नदियों के आसपास जाने से बचें. सुरक्षित पक्की जगह में रहें और स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखें.


