नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक 20 अगस्त, गुरुवार को मध्य भारत, उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं की भी चेतावनी है. खास तौर पर छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
20 अगस्त को कहां कैसा रहेगा मौसम
IMD के मुताबिक 20 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, उत्तराखंड तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है.
मध्य भारत में बारिश का असर खास तौर पर देखने को मिल सकता है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 अगस्त को व्यापक बारिश का दौर रहने का अनुमान है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. IMD के सात दिन के पूर्वानुमान में पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए 19 से 22 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना दी गई है.
दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में क्या होगा
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 20 अगस्त को बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं, लेकिन IMD के 20 अगस्त के दिन-विशेष पूर्वानुमान में इन क्षेत्रों के लिए भारी बारिश की श्रेणी नहीं दी गई है. इसके बावजूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना महत्वपूर्ण है. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में भी भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है.
सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड में 19 से 25 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना बनी हुई है. हिमाचल प्रदेश में 19 और 20 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है.
बिहार और पूर्वी भारत में भी बारिश का असर
बिहार में 20 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं. झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मध्य प्रदेश, ओडिशा तथा कुछ दक्षिणी राज्यों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां हो सकती हैं.
पूर्वी भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रहने का अनुमान है. बिहार में 21 से 23 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि ओडिशा में 21 से 25 अगस्त तक बारिश का विस्तार रह सकता है.
दक्षिण और पश्चिम भारत में भी बारिश
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम या बिखरी हुई बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. IMD ने 25 अगस्त के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु-पुडुचेरी, रायलसीमा, उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक समेत कई क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है. तटीय कर्नाटक में 25 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है.
पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा में 25 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रह सकती है. मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी.
बारिश का असर क्या पड़ सकता है
भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, निचले क्षेत्रों में पानी भरने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है. पहाड़ी इलाकों में स्थानीय भूस्खलन, मलबा खिसकने और सड़क बाधित होने का जोखिम बढ़ सकता है. तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है. IMD ने भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की संभावना भी बताई है.
किसानों के लिए भी लगातार बारिश चुनौती बन सकती है. खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान हो सकता है. IMD ने कई राज्यों में जल निकासी बेहतर रखने और जरूरत पड़ने पर खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी है.
20 अगस्त को लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए
भारी बारिश या आंधी की स्थिति में मौसम की ताजा चेतावनी पर नजर रखना जरूरी है. बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें. पानी में खड़े रहने या जलस्रोतों के पास जाने से बचना चाहिए. IMD ने बिजली गिरने की आशंका के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करने और बिजली प्रवाहित करने वाली वस्तुओं से दूर रहने की सलाह दी है.
यात्रा करने वालों को जलभराव वाली सड़कों, पहाड़ी रास्तों और कमजोर पुलों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. तेज बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा टालना बेहतर रहेगा. किसानों को खेतों में जल निकासी बनाए रखने और बारिश के दौरान खाद या कीटनाशक से जुड़े काम रोकने की सलाह दी गई है.
20 अगस्त के बाद भी राहत की उम्मीद कम
मौसम विभाग के अनुसार 21 अगस्त को छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी. उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है. 22 अगस्त को मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि 23 से 25 अगस्त के दौरान भी कई पूर्वी, मध्य और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है.
Source: IMD
FAQs
1. अगर मेरे इलाके में बारिश नहीं हो रही है तो क्या अलर्ट को नजरअंदाज कर सकते हैं?
नहीं. भारी बारिश कई बार बहुत सीमित क्षेत्र में होती है. इसलिए आसपास के जिलों और अपने यात्रा मार्ग की स्थिति भी देखना समझदारी है.
2. बारिश के साथ बिजली चमकने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
सबसे पहले खुले स्थान से निकलकर सुरक्षित जगह पर जाएं. पेड़, बिजली के खंभे और पानी के स्रोतों से दूरी बनाए रखना जरूरी है.
3. क्या भारी बारिश में वाहन से निकलना सुरक्षित है?
अगर यात्रा जरूरी नहीं है तो उसे टालना बेहतर है. जलभराव, कम दृश्यता और तेज हवाएं वाहन चलाने का जोखिम बढ़ा सकती हैं.
4. किसानों को इस मौसम में सबसे ज्यादा किस बात की चिंता करनी चाहिए?
लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी जमा होना बड़ी समस्या बन सकता है. इसलिए खेतों में जल निकासी की व्यवस्था ठीक रखना जरूरी है.
5. क्या 20 अगस्त के बाद बारिश कम हो जाएगी?
तुरंत राहत की संभावना नहीं दिख रही है. IMD के पूर्वानुमान में 21 से 25 अगस्त तक भी कई राज्यों में भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है.


