MP Weather Update 20 August 2026: मध्य प्रदेश में गुरुवार, 20 अगस्त को मानसून सक्रिय रहने वाला है. मौसम केंद्र भोपाल की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. कुछ जिलों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की स्थिति बनने की संभावना है. पन्ना में अत्यधिक भारी बारिश के साथ झंझावात और वज्रपात की चेतावनी दी गई है.
मध्य प्रदेश में क्यों बदला मौसम
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार उत्तर झारखंड और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम बिहार तथा दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके अगले 12 घंटों में कमजोर होकर स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना बताई गई है. इसके अलावा मानसून ट्रफ भी मध्य भारत के आसपास सक्रिय है. इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में नमी बढ़ने और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है.
इन जिलों में बारिश का ज्यादा असर
मौसम केंद्र भोपाल के पूर्वानुमान के अनुसार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, आगर, मंदसौर और नीमच में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, गुना, श्योपुरकलां और पांढुर्णा में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है.
नर्मदापुरम, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर और निवाड़ी में अनेक स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. वहीं सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और मैहर में अधिकांश स्थानों पर बारिश का अनुमान है.
पन्ना समेत इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
पन्ना में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश, झंझावात और वज्रपात के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी है.
सतना, कटनी, दमोह, मैहर और छतरपुर में कहीं-कहीं अति भारी बारिश, झंझावात और वज्रपात के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा चल सकती है.
विदिशा, रायसेन, दतिया, भिंड, सीधी, रीवा, मऊगंज, शहडोल, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा में भारी बारिश के साथ झंझावात, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवा की संभावना है.
कई जिलों में आंधी और बिजली गिरने का खतरा
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी और नरसिंहपुर में झंझावात, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
बारिश से जनजीवन पर क्या असर पड़ेगा
भारी बारिश वाले इलाकों में सड़क पर पानी भरने, निचले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है. तेज हवा के कारण पेड़ या कमजोर संरचनाएं गिरने का जोखिम भी रहेगा. नदी-नालों और छोटे जलस्रोतों के आसपास रहने वाले लोगों को अचानक बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहना चाहिए.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
बिजली चमकने और गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे, बिजली के खंभों और ऊंची संरचनाओं के पास खड़े होने से बचें. बहुत जरूरी न हो तो खराब मौसम के दौरान यात्रा टालना बेहतर रहेगा. खेतों में काम करने वाले किसान वज्रपात की स्थिति में सुरक्षित पक्के स्थान पर चले जाएं. तेज बारिश के दौरान नदियों, नालों और पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न लें.
FAQ
1. 20 अगस्त को मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
पन्ना में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि सतना, कटनी, दमोह, मैहर और छतरपुर में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
2. क्या भोपाल में भी बारिश होगी?
हां. भोपाल में बारिश के साथ गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चलने की संभावना बताई गई है.
3. क्या बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा भी है?
हां. कई जिलों के लिए झंझावात और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. ऐसे समय खुले स्थानों पर जाना जोखिम भरा हो सकता है.
4. क्या 20 अगस्त को यात्रा करना सुरक्षित रहेगा?
कई इलाकों में तेज बारिश और हवा की संभावना है. यात्रा से पहले अपने जिले का ताजा मौसम अपडेट और सड़क की स्थिति जरूर जांचना बेहतर होगा.
5. किसानों को सबसे ज्यादा किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
वज्रपात के दौरान खेत में काम न करें और पेड़ या खुले स्थान के नीचे शरण न लें. मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित पक्के स्थान पर जाना सबसे जरूरी है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र भोपाल


