Jaipur, August 22: राजस्थान के अजमेर में सब इंस्पेक्टर भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान डमी अभ्यर्थी के जरिए फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. अलवर गेट थाना क्षेत्र के CRPF GC-1 केंद्र पर आयोजित परीक्षा में एक महिला अभ्यर्थी की जगह दूसरी युवती के पहुंचने का आरोप है.
मामला सामने आने के बाद भर्ती कमेटी और प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा के दौरान रिकॉर्ड किए गए कैमरा फुटेज और CCTV की जांच की. जांच में दूसरी युवती के डमी अभ्यर्थी के तौर पर शामिल होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है.
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4 अगस्त की परीक्षा में सामने आया मामला
सब इंस्पेक्टर भर्ती की लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता परीक्षा 3 अगस्त से 11 अगस्त के बीच CRPF GC-1 केंद्र पर आयोजित की गई थी.
इसी दौरान 4 अगस्त को आयोजित परीक्षा में ‘मुन्नी’ नाम की महिला अभ्यर्थी की जगह किसी दूसरी युवती के परीक्षा में शामिल होने का संदेह हुआ.
संदेह होने के बाद भर्ती कमेटी और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की.
CCTV फुटेज से खुला डमी अभ्यर्थी का मामला
जांच के दौरान परीक्षा केंद्र पर मौजूद कैमरा फुटेज और CCTV रिकॉर्डिंग को खंगाला गया. फुटेज की जांच में सामने आया कि परीक्षा में मौजूद युवती वास्तविक अभ्यर्थी नहीं थी.
इसके बाद मामले को भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े से जोड़कर देखा गया और प्रशासन की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि असली अभ्यर्थी की जगह दूसरी युवती को परीक्षा में भेजने की पूरी योजना किसने बनाई थी.
बीमार होने का हवाला देकर मांगी थी तारीख
जांच में यह जानकारी भी सामने आई कि संबंधित महिला अभ्यर्थी ने खुद के बीमार होने का हवाला दिया था.
उसने शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने और अंतिम दिन परीक्षा में शामिल होने का अनुरोध किया था. इसके बाद डमी अभ्यर्थी के जरिए परीक्षा में शामिल होने की आशंका सामने आई.
अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तारीख बदलने के अनुरोध और डमी अभ्यर्थी के परीक्षा में पहुंचने के बीच क्या संबंध था.
21 अगस्त को दर्ज हुई नामजद FIR
प्रशासनिक अधिकारियों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 21 अगस्त को नामजद FIR दर्ज की है.
अलवर गेट थाना पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों, CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में सिर्फ डमी अभ्यर्थी शामिल थी या इसके पीछे और लोगों की भी भूमिका थी.
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दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि असली अभ्यर्थी की जगह डमी युवती को परीक्षा में भेजने की योजना किसने बनाई और इसकी जानकारी किन लोगों को थी.
जांच एजेंसी मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही है. आगे की जांच में फर्जीवाड़े से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है.
भर्ती प्रक्रिया में डमी अभ्यर्थी का मामला सामने आने के बाद अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.


