Palamu, August 20: पलामू में कोयल नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की वजह से कई परिवार प्रभावित हुए हैं. इसी बाढ़ में मेदिनीनगर की बैंक कॉलोनी की रहने वाली 5वीं कक्षा की छात्रा कृतिका की किताबें, कॉपियां और पढ़ाई का पूरा सामान बह गया. लेकिन पढ़ाई छूटने के डर से कृतिका ने हार नहीं मानी.
कृतिका पड़ोसी के साथ जन समाधान दिवस में पलामू के उपायुक्त के पास पहुंची और अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए मदद मांगी. बच्ची की बात सुनकर उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने तुरंत जिला शिक्षा पदाधिकारी को जरूरी निर्देश दिए.
बाढ़ में बह गया पढ़ाई का पूरा सामान
कोयल नदी का जलस्तर बढ़ने से पलामू के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है. मेदिनीनगर की बैंक कॉलोनी भी बाढ़ से प्रभावित इलाकों में शामिल है.
कृतिका के परिवार को भी इस आपदा का सामना करना पड़ा. बाढ़ के पानी में उसकी 5वीं कक्षा की किताबें, कॉपियां और पढ़ाई से जुड़ा दूसरा सामान बह गया.
सामान चले जाने के बाद कृतिका को चिंता थी कि अब उसकी पढ़ाई कैसे जारी रहेगी. इसी परेशानी को लेकर उसने सीधे प्रशासन से मदद मांगने का फैसला किया.
पड़ोसी के साथ पहुंची जन समाधान दिवस में
कृतिका अपने पड़ोसी के साथ जन समाधान दिवस में पहुंची. यहां उसने पलामू के उपायुक्त से मुलाकात की और अपनी परेशानी बताई.
बच्ची ने अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए किताबें और दूसरी जरूरी चीजें उपलब्ध कराने की गुहार लगाई. बाढ़ जैसी मुश्किल स्थिति के बावजूद पढ़ाई को लेकर कृतिका की चिंता ने वहां मौजूद अधिकारियों का ध्यान खींचा.
DC ने मौके पर ही दिए निर्देश
कृतिका की बात सुनने के बाद उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मौके पर ही जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि बच्ची की पढ़ाई में किसी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए. इसके लिए उसे तुरंत किताबें, कॉपियां, स्कूल ड्रेस और दूसरी जरूरी पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने को कहा गया.
प्रशासन की ओर से कृतिका की पढ़ाई को लेकर तत्काल मदद का भरोसा दिया गया.
आगे की पढ़ाई में भी मदद का भरोसा
जिला प्रशासन ने सिर्फ तत्काल पढ़ाई का सामान उपलब्ध कराने की बात नहीं कही, बल्कि कृतिका की आगे की पढ़ाई में भी मदद का भरोसा दिया है.
जिला शिक्षा पदाधिकारी के मुताबिक, बच्ची का दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा और भविष्य में भी उसे जरूरत के मुताबिक हरसंभव सहायता देने की कोशिश की जाएगी.
इससे कृतिका के परिवार को भी राहत मिली है और बच्ची के लिए पढ़ाई दोबारा शुरू करने का रास्ता साफ हुआ है.
बाढ़ के बीच कृतिका की पढ़ाई की जिद बनी मिसाल
कुदरत की मार के बीच कृतिका का पढ़ाई जारी रखने का फैसला कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है. बाढ़ में उसका पढ़ाई का सामान बह गया, लेकिन पढ़ने की इच्छा नहीं टूटी.
मुश्किल हालात में मदद के लिए प्रशासन तक पहुंचना और अपनी पढ़ाई को लेकर आवाज उठाना कृतिका के लिए एक अलग तरह की पहल रही. वहीं, प्रशासन की ओर से तुरंत कार्रवाई किए जाने से उसे पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी.


