नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है. जम्मू तवी और श्रीनगर के बीच जल्द ही तीसरी वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी है. खास बात यह है कि नई ट्रेन शहीद कैप्टन तुषार महाजन उधमपुर स्टेशन पर भी रुकेगी. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसके लिए मंजूरी दे दी है. नई ट्रेन का नंबर 26407/26408 बताया गया है. कश्मीर घाटी तक वंदे भारत की सीधी कनेक्टिविटी शुरू होने के बाद अब तीसरी ट्रेन को मंजूरी मिलना जम्मू-कश्मीर के रेल यात्रियों के लिए अहम कदम माना जा रहा है. इससे जम्मू और श्रीनगर के बीच सफर करने वाले यात्रियों को एक और तेज विकल्प मिलेगा.
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उधमपुर के लोगों की मांग हुई पूरी
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीसरी वंदे भारत ट्रेन की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि उधमपुर के स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए रेल मंत्रालय ने जम्मू और श्रीनगर के बीच प्रस्तावित तीसरी वंदे भारत के लिए उधमपुर को स्टॉपेज के तौर पर शामिल करने पर सहमति दी है. उन्होंने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया. उधमपुर में ठहराव मिलने से स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी जम्मू-कश्मीर के प्रमुख शहरों के बीच तेज रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा.
बेंगलुरु-मंगलुरु के बीच भी वंदे भारत की तैयारी
उधर, दक्षिण पश्चिम रेलवे भी बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की संभावनाएं तलाश रहा है. इसके लिए मैसुरु मंडल ने सकलेशपुर-सुब्रहमण्य रोड घाट खंड में वंदे भारत ट्रेन का परीक्षण शुरू किया है. चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में विशेष रूप से तैयार की गई 20 डिब्बों वाली वंदे भारत ट्रेन पिछले सप्ताह मैसुरु पहुंची थी. मंगलवार को मैसुरु में स्थिर परीक्षण के बाद ट्रेन को उसी रात मैदानी परीक्षण के लिए सकलेशपुर रवाना किया गया.
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घाट सेक्शन में ट्रेन की क्षमता की होगी जांच
मैसुरु मंडल के रेल प्रबंधक मुदित मित्तल के मुताबिक, परीक्षण बुधवार सुबह शुरू हुआ. ट्रेन में मौजूद अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) के कर्मचारी अलग-अलग तकनीकी और परिचालन मानकों की जांच कर रहे हैं. सकलेशपुर से सुब्रहमण्य रोड के बीच का घाट खंड बेंगलुरु-मंगलुरु रेल मार्ग का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जाता है. यहां खड़ी ढलानें, तीखे मोड़, सुरंगें और पुल हैं. पश्चिमी घाट से गुजरने वाले इस मार्ग पर ट्रेन की गति नियंत्रित करना और ढलान पर सुरक्षित ब्रेकिंग करना बड़ी चुनौती होती है. परीक्षण के दौरान अलग-अलग परिस्थितियों में ट्रेन के प्रदर्शन के साथ उसकी स्वचालित आपातकालीन ब्रेक प्रणाली की भी जांच की जा रही है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षण अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा. इसके नतीजों के आधार पर बेंगलुरु-मंगलुरु रूट पर वंदे भारत के संचालन की व्यवहार्यता का आकलन किया जाएगा.


