New Delhi, August 25: देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच Indian Sugar and Bio-energy Manufacturers Association (ISMA) ने कहा है कि आने वाले दिनों में चीनी के दाम नरम पड़ सकते हैं. ISMA के मुताबिक देश में चीनी का पर्याप्त stock मौजूद है और panic buying तथा speculative buying कम होने के साथ कीमतों में भी कमी आने की संभावना है.
ISMA के Director General दीपक बल्लानी ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस से इतर एक news agency से बातचीत में यह बात कही.
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20 दिनों में क्यों बढ़े चीनी के दाम?
दीपक बल्लानी के मुताबिक पिछले करीब 20 दिनों में चीनी की कीमतों में जो तेजी आई है, उसके पीछे मुख्य वजह speculative और panic buying रही है.
उन्होंने कहा कि देश में चीनी की availability को लेकर किसी तरह की बड़ी समस्या नहीं है. पर्याप्त stock उपलब्ध है और बाजार में supply को लेकर चिंता की जरूरत नहीं है.
ISMA का मानना है कि जैसे-जैसे panic buying का असर कम होगा, चीनी की कीमतों पर भी दबाव घट सकता है.
देश में चीनी की कमी नहीं
ISMA ने साफ किया है कि घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता पर्याप्त है. संगठन के मुताबिक देश में supply को लेकर किसी तरह का संकट नहीं है.
चीनी की कीमतों में हालिया तेजी के बावजूद domestic market में पर्याप्त stock होने की बात कही गई है. ऐसे में आने वाले समय में demand और buying pattern सामान्य होने पर prices में cooling देखने को मिल सकती है.
Ethanol की वजह से नहीं बढ़े दाम
चीनी की कीमतों में तेजी को लेकर ethanol production के लिए sugar diversion पर भी सवाल उठाए जा रहे थे.
ISMA Director General ने इस दावे को खारिज किया कि ethanol के लिए चीनी divert किए जाने की वजह से हाल में prices बढ़े हैं. उन्होंने कहा कि domestic consumption को पहली priority दी जाती है.
यानी संगठन के मुताबिक घरेलू बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चीनी की availability सुनिश्चित की जा रही है.
Traders की stock limit घटाने की मांग
ISMA के President नीरज शिरगांवकर ने बताया कि association ने सरकार से traders के लिए sugar holding limit कम करने की मांग की है.
ISMA चाहता है कि traders की मौजूदा 400 tonnes की holding limit को घटाकर 200 tonnes किया जाए. संगठन का मानना है कि इससे ज्यादा stock retail market में आ सकेगा और supply बढ़ने से कीमतों पर दबाव कम हो सकता है.
सरकार ने उठाए कई कदम
नीरज शिरगांवकर के मुताबिक सरकार पिछले चार से छह महीनों के दौरान sugar market को लेकर कई measures ले चुकी है.
इनमें sugar mills में stocks का physical verification और traders, institutional buyers तथा bulk consumers के लिए stock limits जैसे कदम शामिल हैं.
सरकार ने supply को लेकर precautionary step के तौर पर 10 लाख tonnes चीनी import करने का भी फैसला किया है. इसका उद्देश्य domestic market में चीनी की comfortable availability बनाए रखना है.
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कीमतों पर अब बाजार की नजर
चीनी की कीमतों में पिछले कुछ समय से तेजी के बाद सरकार और industry दोनों supply पर नजर बनाए हुए हैं. सरकार की ओर से stock monitoring, limits और imports जैसे steps लिए गए हैं.
वहीं ISMA का कहना है कि पर्याप्त stock उपलब्ध होने के कारण panic buying कम होने पर prices में cooling आ सकती है. अब बाजार में आने वाले दिनों में demand, supply और buying pattern में होने वाले बदलाव पर नजर रहेगी.


