नई दिल्ली, 26 अगस्त 2026: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली में ‘मिशन समृद्ध गाँव’ योजना का शुभारंभ किया. इस मिशन का उद्देश्य ऐसे गांवों का समग्र और एकीकृत मॉडल तैयार करना है, जहां परिवारों के पास रोजगार और आजीविका के अवसर हों, जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों और लोगों को आर्थिक मजबूरी के चलते पलायन न करना पड़े.
सरकार के मुताबिक, मिशन को पहले मध्य प्रदेश के चयनित क्षेत्रों में pilot model के तौर पर लागू किया जाएगा. सफल रहने पर इस मॉडल को देश के दूसरे हिस्सों में दोहराने का लक्ष्य रखा गया है.
UPSC CAPF AC Result 2026: लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवार अब PST/PET के लिए होंगे योग्य
बुदनी और खातेगांव से शुरू होगा पायलट मॉडल
‘मिशन समृद्ध गाँव’ के तहत मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुदनी और देवास जिले के खातेगांव ब्लॉक को pilot के लिए चुना गया है. इन क्षेत्रों में अलग-अलग सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़कर गरीबी कम करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों के समग्र विकास का मॉडल तैयार करने का प्रयास किया जाएगा.
सरकार का लक्ष्य सिर्फ किसी एक योजना का लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं को एक साथ जोड़ना है. इसके लिए परिवार से लेकर ग्राम पंचायत और block level तक integrated development framework तैयार किया जाएगा.
परिवार की जरूरत और पात्रता के आधार पर योजनाओं से जोड़ा जाएगा
मिशन में परिवार को विकास की प्रमुख इकाई के तौर पर देखा गया है. प्रत्येक परिवार की जरूरत और eligibility के आधार पर उसे केंद्र और राज्य सरकार की अलग-अलग योजनाओं से जोड़े जाने की योजना है.
इस approach के तहत यह कोशिश होगी कि ग्रामीण परिवारों को रोजगार, आजीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरी आवश्यक सुविधाओं के लिए अलग-अलग स्तरों पर उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यदि सरकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू कर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए, तो गरीबी को काफी हद तक कम किया जा सकता है. उन्होंने मिशन को ग्रामीण विकास के लिए एक प्रयोगात्मक मॉडल बताया, जिसे सफल होने पर बड़े स्तर पर दोहराया जा सकता है.
कृषि के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर भी फोकस
मिशन का दायरा सिर्फ agriculture या rural development schemes तक सीमित नहीं रखा गया है. इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आजीविका और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को भी शामिल किया गया है.
इसका उद्देश्य ग्रामीण विकास को अलग-अलग विभागों की योजनाओं में बांटने के बजाय उन्हें एक integrated framework में देखने का है. इससे किसी गांव या परिवार की अलग-अलग जरूरतों को एक साथ address करने की कोशिश की जाएगी.
PIB के अनुसार, मिशन का व्यापक लक्ष्य गरीबी-मुक्त, रोजगारयुक्त और बुनियादी सुविधाओं से संपन्न गांवों का model तैयार करना है.
छोटे किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
मिशन में छोटे और सीमित कृषि जोत वाले किसानों के लिए diversified agriculture पर जोर दिया जाएगा. किसानों को केवल पारंपरिक अनाज उत्पादन पर निर्भर रखने के बजाय खेती के साथ दूसरी गतिविधियों से जोड़ने की योजना है.
इनमें फल और सब्जी उत्पादन, मछली पालन, बकरी पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन और मधुमक्खी पालन जैसी activities शामिल हैं. इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अलग-अलग स्रोत विकसित करना है.
इस मॉडल में integrated farming को बढ़ावा देने की बात कही गई है, ताकि कृषि के साथ दूसरी livelihood activities को भी जोड़ा जा सके.
वेयरहाउस और food processing को मिलेगा बढ़ावा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिशन में वेयरहाउस, food processing और production-based activities को भी महत्व दिया गया है.
इस approach का उद्देश्य किसानों को केवल raw produce बेचने तक सीमित रखने के बजाय value-added products तैयार करने और बेहतर market opportunities से जोड़ने पर जोर देना है. इससे स्थानीय स्तर पर processing और उससे जुड़ी economic activities के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा.
मिशन के तहत ग्रामीण विकास को केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं रखते हुए production, storage, processing और livelihood के बीच बेहतर linkage बनाने की कोशिश की जाएगी.
महिला किसानों और ग्रामीण महिलाओं पर विशेष ध्यान
‘मिशन समृद्ध गाँव’ में महिला किसानों और ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी को भी महत्व दिया गया है. महिला किसानों की पहचान करके उन्हें कृषि से जुड़ी सलाह और जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा.
इसके साथ ग्रामीण महिलाओं को अलग-अलग livelihood activities से जोड़ने की योजना है. शिवराज सिंह चौहान ने ‘लखपति दीदी’ अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि जब महिलाओं ने अपने जैसी दूसरी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होते देखा, तो उनमें भी आगे बढ़ने का विश्वास और उत्साह पैदा हुआ.
मिशन में ऐसे सफल models को सामने लाकर दूसरे गांवों में भी अपनाने की कोशिश की जाएगी.
कई संस्थाओं के सहयोग से लागू होगा मॉडल
मिशन के implementation में सिर्फ सरकारी विभागों की भूमिका नहीं होगी. सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं, प्रशासन, civil society organisations और private sector के बीच coordination पर जोर दिया है.
Transform Rural India Foundation, Gates Foundation, Axis Bank Foundation, HSBC और CitiBank समेत अन्य partner organisations के सहयोग और सुझावों का स्वागत किया गया है.
सरकार के अनुसार, अलग-अलग संस्थाओं और विभागों को team के तौर पर काम करने से ग्रामीण विकास के इस integrated model को जमीन पर लागू करने में मदद मिल सकती है.
यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 60+ महिलाओं को बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी दिखेगा, जब वह अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. इसी सोच के साथ मिशन में परिवार की जरूरत और eligibility के आधार पर योजनाओं को जोड़ने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है.
उन्होंने कहा, “लोगों की जिंदगी बदलना मेरी जिंदगी का मकसद है.”
मध्य प्रदेश के बुदनी और खातेगांव में शुरू होने वाला pilot इस बात की परीक्षा होगा कि अलग-अलग सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़कर गांव के स्तर पर रोजगार, आजीविका, बुनियादी सुविधाओं और आर्थिक अवसरों का integrated model किस तरह तैयार किया जा सकता है.
सफलता मिलने पर इस model को देश के दूसरे हिस्सों में दोहराने का लक्ष्य रखा गया है.


