MP Weather Update 28 August 2026: मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र भोपाल के मौसम विवरण के अनुसार, 28 अगस्त की सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. कुछ जिलों में भारी से अति भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
28 अगस्त को किन जिलों में ज्यादा बारिश का खतरा
मौसम विभाग ने छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं-कहीं अति भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं की चेतावनी दी है. वहीं राजगढ़, बैतूल, आगर, गुना, शिवपुरी, दतिया, भिंड, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, छिंदवाड़ा, मंडला, पन्ना, दमोह और मैहर में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ आंधी-वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट है.
इन जिलों में भी गरज-चमक और बिजली का अलर्ट
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, अशोकनगर, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, सागर और पांढुर्णा में भी कहीं-कहीं गरज-चमक, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी है.
किन इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के सतना, पन्ना, छतरपुर और रीवा जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ का जोखिम बताया है. बारिश के कारण संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही जल बहाव तथा जलभराव की स्थिति बन सकती है.
बारिश के पीछे क्या है वजह
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र 27 अगस्त को भी बना हुआ था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. इसके अलावा मानसून ट्रफ भी निम्न दबाव क्षेत्र से होकर गुजर रही है. उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में बने ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 29 अगस्त के आसपास उसी क्षेत्र में एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है.
बारिश का असर क्या हो सकता है
तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और अंडरपास में पानी भरने की स्थिति बन सकती है. नदियों और जलप्रपातों का जलस्तर बढ़ने से निचले पुलों और सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो सकता है. कुछ जगहों पर नदी तटबंधों के कटाव और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित है. पेड़, बिजली के खंभों और खुले स्थानों के नीचे खड़े होने से बचें. संभव हो तो बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा टालें. वाहन चलाते समय गति कम रखें और जलभराव वाले रास्तों, पुलों तथा खुले ऊंचे मार्गों से सावधान रहें. बिजली की गतिविधि के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल देना भी उचित है.
किसानों के लिए खास सलाह
किसानों को बारिश के दौरान सिंचाई, उर्वरक और फसल सुरक्षा रसायनों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है. खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें. सब्जियों, बेलदार पौधों और युवा फलदार पौधों को तेज हवा से बचाने के लिए सहारा दें. कटी हुई उपज, बीज, खाद और कृषि उपकरणों को जलरोधक तिरपाल से ढककर रखें. आंधी या बारिश की संभावना होने पर कटाई, मड़ाई और सुखाने का काम टालें.
पशुपालक भी रखें विशेष ध्यान
आंधी और बिजली गिरने के दौरान पशुओं को खुले खेतों में न छोड़ें. उन्हें सुरक्षित और हवादार पशु शेड में रखें तथा तालाब, नदी और अन्य खुले जलस्रोतों से दूर रखें. पशुओं के लिए साफ पेयजल और पर्याप्त चारे की व्यवस्था बनाए रखें.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र भोपाल.
FAQs
1. 28 अगस्त को मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा खतरा किन जिलों में है?
छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं-कहीं अति भारी बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी है.
2. क्या 28 अगस्त को अचानक बाढ़ का खतरा भी है?
हां. सतना, पन्ना, छतरपुर और रीवा के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है.
3. बिजली चमकने पर लोग सबसे पहले क्या करें?
खुले स्थान से तुरंत किसी सुरक्षित भवन में चले जाएं और पेड़, बिजली के खंभों तथा जलस्रोतों से दूरी बनाए रखें.
4. क्या बारिश में वाहन से यात्रा करना सुरक्षित रहेगा?
जहां तेज बारिश, जलभराव या आंधी हो वहां अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर है. जरूरी यात्रा में वाहन की गति कम रखें और पुलों तथा जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतें.
5. किसानों को बारिश के दौरान कौन सा काम रोक देना चाहिए?
बारिश के दौरान सिंचाई, उर्वरक और पौध संरक्षण रसायनों का छिड़काव न करें. आंधी-बारिश की संभावना में कटाई, मड़ाई और सुखाने का काम भी स्थगित करना चाहिए.


