Bihar Weather Update 27 August 2026: बिहार में 27 अगस्त गुरुवार को मानसून सक्रिय रहने के आसार हैं. मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. खास तौर पर दक्षिण-पश्चिम बिहार में मौसम अधिक सक्रिय रहने की संभावना है.
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
27 अगस्त को भभुआ, रोहतास और सीवान में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इन जिलों के लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान में दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवा चलने की भी संभावना बताई गई है.
किन इलाकों में आंधी और वज्रपात का खतरा
27 अगस्त को दक्षिण-पश्चिम बिहार के अलावा उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य और दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों में भी मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना है. इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवा चल सकती है. इसका असर खुले इलाकों, पेड़-पौधों, बिजली के ढांचे और स्थानीय यातायात पर पड़ सकता है.
उत्तर-पश्चिम बिहार में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण शामिल हैं. उत्तर-मध्य बिहार में मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी हैं. दक्षिण-मध्य बिहार में पटना, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, गया, लखीसराय, शेखपुरा और बेगूसराय शामिल हैं.
तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों में बिहार के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है. वहीं अगले 5 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में भी खास परिवर्तन के संकेत नहीं हैं. 27 अगस्त को दक्षिण-मध्य बिहार में अधिकतम तापमान करीब 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 से 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. दक्षिण-पश्चिम बिहार में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री और न्यूनतम 28 से 30 डिग्री के बीच रहने का पूर्वानुमान है.
मौसम बदलने की वजह क्या है
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 26 अगस्त को दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे लगे उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला था. मानसून द्रोणिका भी इस मौसम प्रणाली से जुड़ी हुई थी और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रही थी. इन मौसमी प्रणालियों के कारण बिहार में बारिश और गरज-चमक वाली गतिविधियां बनी रहने की संभावना है.
भारी बारिश का क्या असर हो सकता है
भारी बारिश के दौरान नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है. शहरों के निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है. अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. खेतों में पानी भरने से कृषि गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
मेघ गर्जन या वज्रपात के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें. यदि आप बाहर हैं तो जल्द से जल्द किसी पक्के मकान में शरण लें. ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और बिजली के संचालन वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखें. तेज हवा और भारी बारिश के समय अनावश्यक यात्रा से बचना भी सुरक्षित रहेगा. निचले इलाकों और अचानक बाढ़ की आशंका वाले स्थानों से दूरी रखना जरूरी है.
अगले दिनों में भी जारी रहेगा मौसम का असर
मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान में 28 अगस्त को दरभंगा, पूर्वी चंपारण, जमुई और नवादा में भारी बारिश की संभावना है. 29 अगस्त को बांका, भागलपुर और पश्चिम चंपारण में भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया गया है. इसके अलावा 30 अगस्त, 31 अगस्त और 1 सितंबर को भी बिहार के अलग-अलग हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा की संभावना बनी हुई है.
FAQ
1. 27 अगस्त को बिहार में सबसे ज्यादा सावधानी किन जिलों में रखनी चाहिए?
भभुआ, रोहतास और सीवान में भारी बारिश की चेतावनी है. इन जिलों के अलावा कई हिस्सों में वज्रपात और तेज हवा की संभावना है.
2. क्या 27 अगस्त को आंधी भी आ सकती है?
हां. दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य और दक्षिण-मध्य बिहार के हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवा चलने का पूर्वानुमान है.
3. बिजली चमकने के दौरान क्या करना चाहिए?
खुले स्थान से निकलकर पक्के भवन में शरण लें. पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें.
4. क्या भारी बारिश से जलजमाव हो सकता है?
हां. मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान शहरों के निचले इलाकों में जलजमाव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना जताई है.
5. क्या 27 अगस्त को तापमान में बड़ा बदलाव होगा?
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र, पटना.


