30 अगस्त 2026, रविवार को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 29 अगस्त को रात 8:37 बजे जारी अखिल भारतीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है. वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़ तथा गंगीय पश्चिम बंगाल में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ में भी भारी बारिश की चेतावनी है.
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ओडिशा में सबसे ज्यादा बारिश की चेतावनी
30 अगस्त को ओडिशा में मौसम सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. IMD ने यहां अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है. 29 और 30 अगस्त को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की संभावना को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है. इसके कारण निचले इलाकों में पानी भरने, स्थानीय बाढ़, सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं.
किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
30 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, छत्तीसगढ़ और गंगीय पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है. बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
इस दौरान गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है.
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी मौसम बिगड़ेगा
बिहार में 30 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. राज्य में 30 अगस्त को गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. IMD के सात दिन के पूर्वानुमान में बिहार में 30 अगस्त से 4 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 30 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. अगले दिनों में भी यहां बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है. IMD ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 अगस्त से 4 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बताई है.
फ्लैश फ्लड का भी खतरा, इन जिलों पर नजर
IMD ने 30 अगस्त को शाम 5:30 बजे तक के अगले 24 घंटे के लिए कुछ क्षेत्रों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड रिस्क की संभावना जताई है. ओडिशा में बालेश्वर, बारगढ़, केंदुझर, मयूरभंज, संबलपुर और सुंदरगढ़ जिले इसमें शामिल हैं. झारखंड में बोकारो, चतरा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, रामगढ़, रांची, सरायकेला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में फ्लैश फ्लड रिस्क बताया गया है.
उत्तराखंड में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी जिले भी इस फ्लैश फ्लड रिस्क सूची में हैं. IMD के अनुसार पूरी तरह संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही पानी का बहाव या जलभराव हो सकता है.
ध्यान दें: ऊपर दिए गए जिले 30 अगस्त की फ्लैश फ्लड रिस्क चेतावनी में स्पष्ट रूप से दर्ज हैं. 30 अगस्त की सामान्य भारी बारिश की चेतावनी IMD ने मुख्य रूप से राज्य/मौसम उपखंड स्तर पर दी है. इसलिए अन्य राज्यों के लिए बिना आधिकारिक जिलेवार चेतावनी के जिलों के नाम जोड़ना सही नहीं होगा.
मौसम खराब होने की वजह क्या है
IMD के मौसम विश्लेषण के अनुसार 29 अगस्त की शाम उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र उसी क्षेत्र में बना हुआ है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. इसके अगले 48 घंटों में और अधिक स्पष्ट होने तथा उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है.
मानसून ट्रफ भी अमृतसर, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, बस्ती, पटना और बांका होते हुए बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र तक पहुंच रही है. पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास का चक्रवाती परिसंचरण भी पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद है.
शहरों और गांवों में क्या असर पड़ सकता है
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. तेज हवाओं और बारिश से कमजोर पेड़ या उनकी शाखाएं टूट सकती हैं. केले, पपीता और सहजन जैसे छोटे पेड़ों तथा बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. कमजोर मकानों, कच्ची दीवारों, झोपड़ियों और कुछ सड़कों को भी नुकसान का खतरा रहता है. IMD ने ढीली वस्तुओं के उड़ने की आशंका भी जताई है.
बारिश के दौरान दृश्यता कम हो सकती है. भारी बारिश और तेज हवाओं से सड़क तथा रेल यातायात प्रभावित होने की संभावना है. कुछ स्थानों पर भूस्खलन, मलबा खिसकने, जलभराव और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है.
किसानों के लिए क्या सलाह
ओडिशा में धान, मक्का, दलहन, कपास, अरहर, सब्जियों और नर्सरी वाले खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने तथा जल निकासी की व्यवस्था साफ रखने की सलाह दी गई है. जलभराव वाले खेतों में मिट्टी के काम करने लायक होने तक बुवाई, खाद डालने और अन्य कृषि कार्य टालने को कहा गया है.
मध्य प्रदेश में सोयाबीन, कपास, मक्का और गन्ने के खेतों में जल निकासी बनाए रखने तथा सब्जियों की रोपाई टालने की सलाह है. छत्तीसगढ़ में भी खेतों में पानी जमा न होने देने और कमजोर फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में सिंचाई, खाद, पौध संरक्षण और अन्य खेत संबंधी काम गीली परिस्थितियों में रोकने की सलाह दी गई है. बिहार में खड़ी फसलों में जल निकासी बनाए रखने और बहुत अधिक गीली स्थिति में खेत संबंधी काम से बचने को कहा गया है.
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम खराब होने पर लोग लगातार स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखें और स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहें. बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े न हों. पानी के स्रोतों से दूर रहें और बिजली गिरने की आशंका में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें. ऐसे स्थानों और वस्तुओं से भी दूरी बनाए रखें जो बिजली का संचालन करते हैं.
भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा, खासकर उन इलाकों में जहां जलभराव, बाढ़ या भूस्खलन का खतरा हो. नदी, नाले, तालाब और अन्य जलभराव वाले स्थानों के पास जाने से बचें. पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियों को मौसम की स्थिति के अनुसार नियंत्रित करने की सलाह भी IMD ने दी है.
समुद्र में जाने वालों के लिए चेतावनी
30 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में भी मौसम खराब रह सकता है. दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र तथा दक्षिण श्रीलंका से लगे दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों तथा उत्तर बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है.
30 अगस्त के बाद भी जारी रहेगा बारिश का दौर
IMD के अनुसार 31 अगस्त को छत्तीसगढ़, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा, ओडिशा और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र तथा पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भी भारी बारिश की संभावना है. 1 सितंबर को भी छत्तीसगढ़, ओडिशा और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश तथा बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और अन्य इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है.
30 अगस्त, रविवार को देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में मानसून की सक्रियता का असर साफ दिखाई देगा. ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की आशंका सबसे बड़ी चिंता है, जबकि बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर रह सकता है. ओडिशा, झारखंड और उत्तराखंड के कई जिलों के लिए फ्लैश फ्लड रिस्क भी बताया गया है. ऐसे में मौसम की चेतावनी को हल्के में न लें और स्थानीय प्रशासन तथा IMD के ताजा अपडेट के अनुसार ही यात्रा, खेती और बाहरी गतिविधियों की योजना बनाएं.
FAQs
1. 30 अगस्त को घर से निकलने से पहले क्या देखना जरूरी है?
बारिश का स्थानीय पूर्वानुमान और मौसम चेतावनी जरूर देखनी चाहिए. खासकर यदि आपके इलाके में जलभराव या आंधी की आशंका हो तो यात्रा का समय बदलना सुरक्षित विकल्प हो सकता है.
2. बिजली चमकने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
खुले स्थान से निकलकर सुरक्षित जगह जाएं. पेड़ के नीचे खड़े न हों, पानी से दूर रहें और संभव हो तो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें.
3. क्या हर जिले में अत्यंत भारी बारिश होगी?
नहीं. IMD ने अत्यंत भारी बारिश की संभावना अलग-अलग स्थानों के लिए बताई है. 30 अगस्त को ओडिशा के लिए भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. इसे पूरे राज्य के हर जिले में अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए.
4. फ्लैश फ्लड रिस्क का मतलब क्या है?
इसका मतलब है कि तेज बारिश की स्थिति में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में अचानक पानी बढ़ने, सतही बहाव और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा हो सकता है. 30 अगस्त तक ओडिशा, झारखंड और उत्तराखंड के सूचीबद्ध जिलों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड रिस्क बताया गया है.
5. किसानों को बारिश के दौरान कौन सी गलती नहीं करनी चाहिए?
बहुत गीली जमीन में अनावश्यक खेत कार्य करने से बचना चाहिए. जल निकासी की व्यवस्था पहले से दुरुस्त रखना और फसल को तेज हवा तथा पानी से बचाने के लिए सहारा देना महत्वपूर्ण है. IMD ने अलग-अलग राज्यों के लिए इसी तरह की कृषि सलाह जारी की है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), All India Weather Summary and Forecast Bulletin, 29 अगस्त 2026, समय 20:37 IST. IMD ने मौसम संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए अपनी आधिकारिक मौसम सेवा और हेल्पलाइन 011-2434-4599 का उल्लेख किया है.


