PM Modi Uzbekistan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी. अपने दो दिवसीय राजकीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी शास्त्री मेमोरियल पहुंचे और पूर्व प्रधानमंत्री को पुष्पांजलि अर्पित की. पीएम मोदी ने शास्त्री जी को याद करते हुए उन्हें एक महान राजनेता बताया, जिनका राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित की. हम एक ऐसे महान राजनेता को याद करते हैं, जिनका राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा.”
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सादगी, साहस और राष्ट्रसेवा की मिसाल थे शास्त्री
विदेश मंत्रालय ने भी प्रधानमंत्री मोदी की शास्त्री मेमोरियल यात्रा की जानकारी साझा की. मंत्रालय ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी, साहस और देश के प्रति अटूट समर्पण की मिसाल था. शास्त्री जी का प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान, जय किसान’ आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है. लाल बहादुर शास्त्री का निधन 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में हुआ था. भारत-पाकिस्तान के बीच 1965 के युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच तनाव खत्म करने के उद्देश्य से हुई वार्ता के बाद उन्होंने पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान के साथ ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.
भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को मिली नई मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी की. दोनों देशों ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की और भारत-उज्बेकिस्तान रिश्तों को Comprehensive Strategic Partnership के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई. दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है.
AI से लेकर अंतरिक्ष तक बढ़ेगा सहयोग
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बुनियादी ढांचा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कृषि, स्वास्थ्य और फार्मास्युटिकल्स समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी. इसके अलावा बाजार पहुंच, कनेक्टिविटी, बैंकिंग और भुगतान प्रणाली, पारंपरिक चिकित्सा, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई.
बौद्ध विरासत स्थलों के संरक्षण में साथ आए दोनों देश
भारत और उज्बेकिस्तान ने फयाज टेप और कारा टेप के बौद्ध विरासत स्थलों के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए मिलकर काम करने पर भी सहमति जताई. साथ ही दोनों देशों के युवाओं के बीच आदान-प्रदान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का फैसला किया गया. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने राष्ट्रपति भवन परिसर में पौधारोपण भी किया. यह कार्यक्रम भारत के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और उज्बेकिस्तान की हरित पहल ‘याशिल माकोन’ के तहत आयोजित किया गया.
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PM मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को विदेशी नेताओं को दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च सम्मान ‘ओली दर्जाली दोस्तलिक’ ऑर्डर भी प्रदान किया. यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच दोस्ती को मजबूत करने में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान के लिए दिया गया. पीएम मोदी ने इस सम्मान को भारत के लोगों को समर्पित करते हुए कहा कि यह दोनों प्राचीन सभ्यताओं के बीच स्थायी और मजबूत मित्रता का प्रतीक है. प्रधानमंत्री मोदी 29 से 31 अगस्त तक उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं. ताशकंद यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिजिस्तान की राजधानी बिश्केक जाएंगे, जहां वह किर्गिज राष्ट्रपति सादिर जापारोव के निमंत्रण पर 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.


