Prakash Raj Protest: कर्नाटक में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)-2026 को लेकर राजनीतिक और सामाजिक पारा चढ़ गया है. मंगलवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क से ‘Election Commission Chalo’ विरोध मार्च निकाल रहे प्रसिद्ध अभिनेता व सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज और उनके सहयोगियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. प्रदर्शनकारी मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के आरोपों के बीच इस पूरी प्रक्रिया को रद्द करने की मांग कर रहे हैं.
‘जब तक SIR रद्द नहीं होता, कर्नाटक नहीं सोएगा’
पुलिस हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले प्रकाश राज ने कहा कि SIR प्रक्रिया पूरी तरह दोषपूर्ण है और इसे तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, “कर्नाटक इस मुद्दे पर शांत नहीं रहेगा, हम जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे. यह देश के हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार की लड़ाई है. प्रदर्शन में शामिल अभिनेता किशोर ने भी प्रक्रिया की समयसीमा और पारदर्शिता पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार नागरिकों का बुनियादी अधिकार है, जिसे सीमित समय की आड़ में नहीं छीना जाना चाहिए.
चुनाव आयोग और प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल
चुनाव आयोग के सदस्यों के चयन की प्रक्रिया में लोकतांत्रिक संतुलन की कमी है. कर्नाटक में अगले विधानसभा चुनाव में अभी करीब दो साल का समय है, ऐसे में इतनी बड़ी प्रक्रिया को सीमित समय में पूरा करने की क्या मजबूरी है? Absent, Shifted या Permanently Shifted श्रेणियों में रखे गए मतदाताओं को खुद की पात्रता साबित करने के लिए बार-बार Form 6 भरने या दफ्तरों के चक्कर लगाने पर मजबूर क्यों किया जा रहा है?
4.46 करोड़ मतदाताओं की ड्राफ्ट लिस्ट जारी
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी SIR-2026 की ड्राफ्ट मतदाता सूची के मुख्य आंकड़े, ड्राफ्ट सूची में कुल 4,46,35,975 मतदाता शामिल हैं. इनमें 2,24,73,864 महिला मतदाता, 2,21,59,240 पुरुष मतदाता, 2,871 थर्ड जेंडर मतदाता, 44,176 सर्विस इलेक्टर्स, 3,70,341 युवा मतदाता, जिनकी उम्र 18 से 19 वर्ष के बीच है .
1.08 करोड़ एंट्रियों पर उठे सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, SIR प्रक्रिया के दौरान कुल प्रविष्टियों का करीब 19.48% (1,07,96,339 एंट्री) ASDDO (Absent, Shifted, Dead, Duplicate, Others) श्रेणियों में चिह्नित किया गया है. इसके अलावा 20.35 लाख सक्रिय मतदाताओं में विसंगतियां पाई गई हैं और 23.45 लाख को ‘NoMapping’ श्रेणी में डाला गया है. चुनाव आयोग 43.8 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगने की तैयारी में है.
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23 सितंबर तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
आयोग ने 1 अक्टूबर 2026 को क्वालिफाइंग डेट तय किया है. आम नागरिक 24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 तक ड्राफ्ट सूची पर अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं. सभी दावों के निपटारे के बाद 27 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.


