मेरठ में दिल्ली रोड किनारे प्रस्तावित प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड TOD टाउनशिप को आकार देने की प्रक्रिया तेज हो गई है. टाउनशिप का लेआउट तैयार करने के लिए कंसल्टेंट कंपनी आइक्यूटी इंडिया ने स्थलीय निरीक्षण और ड्रोन सर्वे शुरू कर दिया है. मेरठ विकास प्राधिकरण यानी मेडा के नियोजन अनुभाग में कंपनी की पांच सदस्यीय टीम में टाउन प्लानर, सर्वेयर समेत अन्य विशेषज्ञों की तैनाती भी हो चुकी है.
सर्वे के दौरान टीम प्रस्तावित टाउनशिप के प्रवेश और निकास द्वार की उपयुक्त स्थिति, जमीन की ऊंचाई और ढलान, मौजूदा रोड नेटवर्क, आसपास की सड़कों की स्थिति और ड्रेनेज व्यवस्था का अध्ययन कर रही है. इन्हीं जानकारियों के आधार पर व्यावहारिक लेआउट तैयार किया जाएगा.
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करीब एक महीने में तैयार होगा प्रारंभिक लेआउट
मेडा के अनुसार प्रस्तावित टाउनशिप का प्रारंभिक लेआउट करीब एक महीने में तैयार हो सकता है. मेडा के मुख्य नगर नियोजक तेज प्रताप सिंह के मुताबिक संबंधित कंपनी को प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट उपलब्ध करा दी गई है.
इस क्षेत्र में नहर और पुरानी सड़क भी मौजूद है. इसलिए लेआउट तैयार करते समय इन दोनों को भी योजना में समायोजित किया जाना है. पूरी लेआउट प्रक्रिया के लिए कंसल्टेंट कंपनी को दो महीने का समय दिया गया है.
क्या होती है TOD टाउनशिप?
TOD यानी Transit Oriented Development नीति के तहत ऐसी टाउनशिप विकसित की जाती है, जो प्रमुख सार्वजनिक परिवहन कॉरिडोर के आसपास बसाई जाए. इस प्रस्तावित टाउनशिप को नमो भारत जैसे तेज परिवहन साधनों से जोड़ने की अवधारणा के आधार पर विकसित किया जाना है.
इस तरह की योजना में आवासीय, व्यावसायिक और कार्यालय से जुड़ी गतिविधियों को परिवहन नेटवर्क से सीधे जोड़ने पर जोर दिया जाता है. इसका उद्देश्य लोगों को एक ही क्षेत्र में रहने, खरीदारी और अन्य जरूरी गतिविधियों की सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
सीमित भूमि में अधिक से अधिक सुविधाएं विकसित करने के लिए इसमें प्लाटेड विकास के बजाय फ्लैटेड विकास को प्रोत्साहित किया जाता है. इसी वजह से ‘नीचे दुकान और ऊपर मकान’ जैसी mixed-use व्यवस्था पर जोर रहेगा. प्रस्तावित टाउनशिप में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के ऊपर आवासीय अपार्टमेंट भी होंगे.
31 सेक्टरों में विकसित होगी टाउनशिप
प्रस्तावित न्यू टाउनशिप को फेस-वन और फेस-टू में विकसित किया जाएगा. दोनों फेस को मिलाकर कुल 31 सेक्टर होंगे.
यह टाउनशिप सिर्फ आवासीय क्षेत्र तक सीमित नहीं होगी. इसमें आवास के साथ औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी स्थान रखा जाएगा. खास बात यह होगी कि उद्योग और व्यवसाय से जुड़े फ्लैट तथा कॉम्प्लेक्स भी इसी टाउनशिप का हिस्सा होंगे.
इस तरह यहां रहने के साथ-साथ व्यापार और अन्य गतिविधियों के लिए भी सुविधाएं विकसित करने की योजना है.
294 हेक्टेयर जमीन पर विकसित होगी योजना
दिल्ली रोड किनारे प्रस्तावित टाउनशिप के लिए मोहिउद्दीनपुर, इकला, छज्जूपुर और कायस्थ गांवड़ी से कुल 294 हेक्टेयर भूमि खरीदी जानी है.
अब तक समझौते के आधार पर 160 हेक्टेयर भूमि खरीदी जा चुकी है. इसके बाद 123 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण कानून के तहत खरीदी जानी है.
इसमें 11 हेक्टेयर ग्राम सभा की भूमि भी शामिल है. यह जमीन जल्द ही जिला प्रशासन की ओर से मेडा के पक्ष में नामांतरित किए जाने की बात कही गई है.
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नए साल तक लॉन्चिंग की तैयारी
मेडा इस टाउनशिप को नए साल तक लॉन्च करने की तैयारी में है. योजना के मुताबिक शुरुआती दो सेक्टरों के लिए प्लाट आवंटन भी शुरू किया जा सकता है.
फिलहाल सर्वे और लेआउट तैयार करने का काम आगे बढ़ रहा है. जमीन की स्थिति, मौजूदा सड़क नेटवर्क, ड्रेनेज और क्षेत्र में मौजूद नहर तथा पुरानी सड़क को ध्यान में रखकर प्रारंभिक लेआउट तैयार किया जाएगा. इसके बाद टाउनशिप के विकास की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.


