Mirzapur The Movie Controversy: हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का एक गाना विवादों में आ गया है. फिल्म के क्लाइमेक्स में दिखाए गए ‘शूरवीर’ गाने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है. याचिका में फिल्म के क्लाइमेक्स से इस गाने को हटाने या बदलने का निर्देश देने की मांग की गई है.
महाराणा प्रताप को समर्पित गीत के इस्तेमाल पर सवाल
प्रशांत कुमार सिंह की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि ‘शूरवीर’ गीत मूल रूप से राजस्थान के वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की वीरता और महानता को श्रद्धांजलि देने के लिए लिखा गया था. लेकिन फिल्म में इसका इस्तेमाल काल्पनिक गैंगस्टरों और आपराधिक किरदारों के दृश्यों के साथ किया गया है. याचिकाकर्ता का तर्क है कि इस तरह गीत के मूल सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भ को बदल दिया गया है. इससे सार्वजनिक स्मृति में महाराणा प्रताप की विरासत और काल्पनिक गैंगस्टर किरदारों के बीच एक भ्रामक जुड़ाव पैदा हो सकता है.
सांस्कृतिक विरासत को पहुंच रहा नुकसान
PIL में कहा गया है कि राष्ट्रीय नायक को समर्पित गीत को अपराधियों की पृष्ठभूमि में इस्तेमाल करने से देश की सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंच सकता है. याचिका में अदालत से मांग की गई है कि फिल्म के क्लाइमेक्स से इस ट्रैक को हटाने या इसे किसी अन्य गीत से बदलने का निर्देश दिया जाए.
ऐतिहासिक महापुरुषों से जुड़े गीतों के लिए गाइडलाइन की मांग
याचिका में सिर्फ ‘मिर्जापुर: द मूवी’ से गाना हटाने की मांग ही नहीं की गई है, बल्कि भविष्य के लिए उचित दिशानिर्देश बनाने की मांग भी की गई है. याचिकाकर्ता चाहता है कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों से जुड़े गीतों, प्रतीकों और संदर्भों का फिल्मों में ऐसा इस्तेमाल न हो, जिससे उनका संबंध आपराधिक या असामाजिक व्यवहार के साथ भ्रामक तरीके से जुड़ जाए. साथ ही याचिका में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि ऐसे दिशानिर्देश बनाते समय कलात्मक और रचनात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी संतुलन बनाए रखा जाए.
BJP नेता राजेंद्र राठौड़ भी जता चुके हैं आपत्ति
इस विवाद को लेकर राजस्थान के वरिष्ठ BJP नेता राजेंद्र राठौड़ भी आपत्ति जता चुके हैं. उन्होंने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष को पत्र लिखकर फिल्म से ‘शूरवीर’ गीत हटाने की मांग की है. राठौड़ ने सोशल मीडिया पर अपने पत्र को साझा करते हुए कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को समर्पित इस गीत को फिल्म में गैंगस्टर और आपराधिक किरदारों के साथ जोड़कर दिखाया गया है, जो आपत्तिजनक है.
वीरता और गैंग संस्कृति को जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण
राजेंद्र राठौड़ ने अपने पत्र में कहा कि ‘शूरवीर’ गीत का गैंगस्टरों, नशेड़ियों और बलात्कार के आरोपों से जुड़े किरदारों वाले दृश्यों के साथ इस्तेमाल जनभावनाओं को आहत करने वाला है. उन्होंने कहा कि वीरता, त्याग, धर्म, स्वाभिमान और राष्ट्रभूमि के प्रति समर्पण को अपराध, हिंसा और गैंग संस्कृति से जोड़कर प्रस्तुत करना दुर्भाग्यपूर्ण है. राठौड़ ने मांग की है कि ‘मिर्जापुर: द मूवी’ से इस गीत को हटाया जाए और भविष्य में ऐतिहासिक महापुरुषों से जुड़े गीतों, प्रतीकों और संदर्भों का ऐसा इस्तेमाल न होने दिया जाए, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों.
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अब दिल्ली हाईकोर्ट में पहुंचा मामला
राजेंद्र राठौड़ की आपत्ति के बाद अब इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में PIL दाखिल होने से विवाद और बढ़ गया है. याचिका में फिल्म के क्लाइमेक्स में इस्तेमाल ‘शूरवीर’ गीत को हटाने के साथ-साथ ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संदर्भों के सिनेमाई इस्तेमाल को लेकर व्यापक दिशानिर्देश बनाने की मांग की गई है. फिलहाल विवाद का केंद्र यही सवाल है कि क्या किसी ऐतिहासिक नायक को समर्पित गीत का इस्तेमाल काल्पनिक आपराधिक किरदारों के साथ किया जाना कलात्मक स्वतंत्रता का हिस्सा है या इससे ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत की छवि प्रभावित होती है?


