Raipur-Visakhapatnam Expressway: छत्तीसगढ़ से आंध्र प्रदेश और ओडिशा तक सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने वाली है. रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130CD) का करीब 95 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी है. भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह करीब 465 किलोमीटर लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तीन राज्यों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. करीब 16,482 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस कॉरिडोर को 2026 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके तैयार होने के बाद रायपुर से विशाखापट्टनम तक का सफर मौजूदा मार्ग की तुलना में काफी कम समय में पूरा होने की उम्मीद है.
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12-14 घंटे का सफर घटकर करीब 5-6 घंटे
फिलहाल रायपुर से विशाखापट्टनम जाने के लिए करीब 597 किलोमीटर लंबे पुराने मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है. दो-लेन सड़क और ट्रैफिक के कारण इस सफर में करीब 12 से 14 घंटे लग सकते हैं. नए एक्सप्रेसवे से दोनों शहरों के बीच दूरी घटकर करीब 465 किलोमीटर रह जाएगी. 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर पर वाहनों की गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की योजना है. ऐसे में रायपुर से विशाखापट्टनम पोर्ट तक का सफर करीब 5 से 6 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है.
नया एक्सप्रेसवे तीन राज्यों के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ेगा.
- छत्तीसगढ़: रायपुर, अभनपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव जैसे क्षेत्र बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ेंगे.
- ओडिशा: कॉरिडोर नबरंगपुर और कोरापुट होते हुए आगे बढ़ेगा.
- आंध्र प्रदेश: विजयनगरम, अराकू घाटी और सबावरम होते हुए विशाखापट्टनम से कनेक्शन मिलेगा.
इससे मध्य भारत और पूर्वी समुद्री तट के बीच सीधा सड़क संपर्क मजबूत होगा.
दिल्ली-आगरा समेत बड़े शहरों से भी जुड़ाव
इस कॉरिडोर की कनेक्टिविटी केवल रायपुर और विशाखापट्टनम तक सीमित नहीं रहेगी. राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के जरिए इसे देश के दूसरे प्रमुख हिस्सों से जोड़ने की योजना है. प्रस्तावित कनेक्टिविटी के तहत NH-30, NH-34, NH-539, NH-44, यमुना एक्सप्रेसवे और ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे जैसे मार्गों के जरिए रायपुर और विशाखापट्टनम की कनेक्टिविटी दिल्ली, आगरा और ग्वालियर जैसे शहरों तक मजबूत होगी. वहीं, आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में यह कॉरिडोर कोलकाता-कन्याकुमारी मार्ग से भी जुड़ने की योजना में है. इससे पूर्वी और दक्षिणी भारत के बीच माल ढुलाई और व्यापारिक आवाजाही को फायदा मिल सकता है.
19 पैकेज में चल रहा निर्माण
रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे का निर्माण 19 पैकेज में किया जा रहा है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, परियोजना का करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. ओडिशा के कोरापुट सेक्शन में 95 प्रतिशत से अधिक निर्माण पूरा होने की बात कही गई है. वहीं छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के हिस्सों में फिनिशिंग, इंटरचेंज और अन्य निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं.
जंगल और पहाड़ी इलाके में बन रही ट्विन टनल
छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा के पास उदंती वन्यजीव अभयारण्य और पहाड़ी क्षेत्र में करीब 2.79 किलोमीटर लंबी ट्विन टनल भी बनाई जा रही है. एक टनल के निर्माण का काम पूरा हो चुका है, जबकि दूसरी टनल पर भी काम जारी है.
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व्यापार और पर्यटन को मिल सकती है रफ्तार
एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद रायपुर से विशाखापट्टनम पोर्ट तक माल की आवाजाही तेज होने की उम्मीद है. इससे छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों को समुद्री बंदरगाह तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. इसके साथ ही ओडिशा और आंध्र प्रदेश के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक सड़क संपर्क भी आसान होगा. परियोजना के पूरा होने पर यह कॉरिडोर मध्य भारत और दक्षिण भारत के बीच एक महत्वपूर्ण हाईस्पीड सड़क संपर्क बन सकता है.


