Gorakhpur Shamli Panipat Expressway: गोरखपुर-शामली-पानीपत एक्सप्रेसवे को लेकर मेंहदावल क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है.तहसील के पांच गांवों में अब सामान्य 90 मीटर की बजाय 140 मीटर चौड़ाई में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव है.अतिरिक्त जमीन का इस्तेमाल इंटरचेंज, टोल प्लाजा, पार्किंग और फूड प्लाजा जैसी सुविधाओं के लिए किया जा सकता है.
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की 3ए अधिसूचना के तहत मेंहदावल तहसील के 26 गांवों में 202.084 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है.इसी बीच बढ़या, इंदरपुर, डुमरिया बाबू, पेंडारी कला और मईला गांवों में 90 मीटर की जगह 140 मीटर चौड़ाई में जमीन लेने का प्रस्ताव आया है. फिलहाल अतिरिक्त जमीन के उपयोग को लेकर अंतिम गजट जारी नहीं हुआ है.राजस्व विभाग, एसएलएओ और एनएचएआई की संयुक्त टीम ज्वाइंट मेजरमेंट सर्वे कर गाटों का सत्यापन कर रही है.
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कौवाठोर में बन सकता है इंटरचेंज
मेंहदावल के कौवाठोर में एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज प्रस्तावित है.यहां भी अतिरिक्त भूमि ली जा रही है.मेंहदावल शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित कौवाठोर से क्षेत्र के साथ-साथ सिद्धार्थनगर और बस्ती के लोगों को भी एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने की सुविधा मिल सकती है. इंटरचेंज बनने से वाहनों के लिए रैंप और लूप तैयार किए जाएंगे.इसके अलावा टोल प्लाजा, पार्किंग और वेसाइड एमेनिटीज जैसी सुविधाएं विकसित किए जाने की संभावना है.
747 किमी लंबा होगा एक्सप्रेसवे
करीब 747 किलोमीटर लंबे और लगभग 35 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले इस एक्सप्रेसवे का करीब 22.5 किलोमीटर हिस्सा मेंहदावल क्षेत्र से गुजरेगा.परियोजना पूरी होने के बाद गोरखपुर, बस्ती, महराजगंज और सिद्धार्थनगर समेत कई जिलों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है.
15 से 20 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
कौवाठोर में इंटरचेंज बनने से पांच संबंधित गांवों के अलावा आसपास के करीब 15 से 20 गांवों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.किसानों के लिए कृषि उत्पादों को गोरखपुर, बस्ती, दिल्ली, हरियाणा और नेपाल तक पहुंचाना आसान हो सकता है.एक्सप्रेसवे के आसपास पेट्रोल पंप और अन्य सुविधाएं विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं.
ऐसे आगे बढ़ेगी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया
अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि ज्वाइंट मेजरमेंट सर्वे जारी है.गाटों के सत्यापन के बाद अंतिम अधिसूचना जारी होगी.इसके बाद 3डी गजट प्रकाशित किया जाएगा और फिर 3जी के तहत मुआवजे का निर्धारण होगा.निर्माण कार्य 2026 में शुरू कर करीब ढाई वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है.
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एनएचएआई के परियोजना निदेशक अंकित कुच्छल के मुताबिक कुछ गांवों में अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है और इंटरचेंज भी प्रस्तावित है.वहीं, मेंहदावल तहसीलदार अल्पिका वर्मा ने बताया कि पांच गांवों में अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव मिला है, जिसे जल्द पूरा कर रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाएगी.


