चांद का इंतजार तो बस एक बहाना है,
मुझे तो हर पल तुम्हारे पास आना है.
तुम साथ रहो तो हर दिन त्योहार लगे,
तुम मुस्कुरा दो तो मेरा संसार सजे.
आज फिर सजकर तुम्हारे लिए आई हूं,
हाथों में मेहंदी, आंखों में सपने लाई हूं.
भूखी हूं, मगर दिल में कोई शिकायत नहीं,
क्योंकि तुमसे बढ़कर मेरी कोई चाहत नहीं.
माथे की बिंदी में तुम्हारा नाम सजता है,
मेरी हर खुशी में तुम्हारा प्यार बसता है.
तुम हो तो अधूरी सी जिंदगी पूरी लगती है,
तुम्हारी एक मुस्कान मेरी दुनिया बदल देती है.
चांद निकलेगा, छलनी से तुम्हें निहारूंगी,
मन ही मन बस यही दुआ दोहराऊंगी,
हर जन्म में तुम ही मेरे हमसफर बनो,
मेरी हर खुशी की वजह और मेरा मुकद्दर बनो.
ना सोना चाहिए, ना चांदी चाहिए,
बस उम्र भर तुम्हारा साथ चाहिए.
रिश्ता हमारा यूं ही प्यार से महकता रहे,
हर जन्म में मेरा हाथ तुम्हारे हाथ में रहता रहे.
आज करवा चौथ पर बस इतनी सी अरदास है,
तुम्हारे साथ बीते हर पल में खास एहसास है.
चांद की रोशनी भी फीकी लगे तुम्हारे आगे,
तुम मेरे रहो हमेशा,
और मैं यूं ही तुम्हें हर जन्म चाहती रहूं.


