PM Modi 25 Years in Public Service: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने पर अरुणाचल प्रदेश की कैबिनेट ने उन्हें बधाई दी और देश के विकास में उनके योगदान की सराहना की. मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व में रविवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री के लंबे सार्वजनिक जीवन, केंद्र सरकार की योजनाओं और अरुणाचल प्रदेश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया गया. इसके साथ ही राज्य में उच्च और तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसलों को भी मंजूरी दी गई.
यह भी पढ़ें- Ganga Link Expressway: नोएडा एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान, 8,000 करोड़ से बनेगा 74.5 KM लंबा लिंक एक्सप्रेसवे
25 साल की सार्वजनिक सेवा पर प्रधानमंत्री को बधाई
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. इसके बाद 26 मई 2014 को उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला. उनका तीसरा लगातार कार्यकाल 9 जून 2024 को शुरू हुआ. कैबिनेट ने कहा कि प्रधानमंत्री की जिम्मेदारियां समय के साथ बढ़ती गईं, लेकिन सेवा के प्रति उनका समर्पण लगातार बना रहा. बयान में उनके काम करने के तरीके को ‘सेवा ही समर्पण’ की भावना से जोड़ते हुए कहा गया कि उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ शासन को आगे बढ़ाया.
कैबिनेट ने अनुच्छेद 370 हटाने, जीएसटी लागू करने, जीएसटी 2.0 सुधारों और औपनिवेशिक दौर के कानूनों की जगह भारतीय न्याय संहिता लाने जैसे फैसलों का भी उल्लेख किया.
अरुणाचल प्रदेश में विकास योजनाओं का जिक्र
कैबिनेट के मुताबिक, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राज्य में 8.57 लाख से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच बनाई गई है. करीब 55 हजार परिवारों को पक्के मकान मिले हैं, जिनका पंजीकरण महिलाओं के नाम पर किया गया. वहीं, जल जीवन मिशन के तहत 2.28 लाख घरों तक नल से पानी का कनेक्शन पहुंचने का दावा किया गया. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) और मुख्यमंत्री आरोग्य अरुणाचल योजना (CMAAY) के तहत 2.28 लाख से अधिक परिवारों को शामिल किए जाने की जानकारी भी दी गई. इन योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है.
किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाएं
CMO के बयान के अनुसार, राज्य के 1.14 लाख से अधिक किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) से जुड़े हैं. उनके बैंक खातों में 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर किए जाने की जानकारी दी गई. करीब एक लाख महिलाओं को 15,999 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संगठित किया गया है. इनमें 16 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जबकि 36 हजार अन्य महिलाओं को इस लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए चिह्नित किया गया है. शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी कई योजनाओं का उल्लेख किया गया. राज्य के 50 सरकारी स्कूलों को गोल्डन जुबली मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया गया है. वहीं, 58 खेलो इंडिया केंद्रों के जरिए सभी जिलों तक खेल सुविधाएं पहुंचाने की बात कही गई. इसके अलावा 156 स्टार्टअप को 5.59 करोड़ रुपये से अधिक की सीड फंडिंग मिलने की जानकारी दी गई, जिनमें 45.5 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाओं के नेतृत्व वाले हैं.
सुरंगों, एयरपोर्ट और सीमावर्ती गांवों पर जोर
कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को भी रेखांकित किया. बयान में कहा गया कि सेला और नेचिफू सुरंगों से हर मौसम में आवाजाही आसान हुई है. इससे सामरिक संपर्क और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. राज्य के पहले ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट डोनी पोलो की सालाना यात्री क्षमता 10 लाख बताई गई. तेजू एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल भवन के निर्माण और उन्नयन का भी उल्लेख किया गया. वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के पहले चरण में 11 जिलों के 455 गांवों को शामिल किया गया है. 126 सीमावर्ती गांवों को जोड़ने के लिए 2,205 करोड़ रुपये की लागत से 1,022 किलोमीटर सड़कों को मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई. दूसरे चरण में म्यांमार और भूटान की सीमाओं से लगे 122 गांवों को शामिल किया गया है.
जलविद्युत परियोजनाओं में बड़े निवेश का दावा
अरुणाचल प्रदेश को भविष्य में ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं. कैबिनेट के बयान के मुताबिक, 2,000 मेगावाट की सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना पर 30,071 करोड़ रुपये की लागत आई है. इसकी चार इकाइयां चालू हो चुकी हैं, जबकि बाकी इकाइयों के जल्द शुरू होने की उम्मीद जताई गई. इसके अतिरिक्त, पांच जलविद्युत परियोजनाओं के लिए 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई. इन परियोजनाओं से करीब 4,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य है.
शिक्षा और तकनीकी संस्थानों में भर्ती नियमों को मंजूरी
प्रधानमंत्री के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर आभार जताने के साथ कैबिनेट ने राज्य की प्रशासनिक और संस्थागत व्यवस्था से जुड़े फैसले भी लिए. सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 12 श्रेणियों के पदों के लिए भर्ती नियमों को मंजूरी दी गई. इन नियमों में प्रिंसिपल, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, वर्कशॉप सुपरिंटेंडेंट, असिस्टेंट लाइब्रेरियन, लैबोरेटरी असिस्टेंट, सीनियर टेक्निकल असिस्टेंट और सिस्टम एनालिस्ट जैसे पद शामिल हैं. भर्ती प्रक्रिया को AICTE के 2019 के नियमों के अनुरूप और अधिक पारदर्शी तथा योग्यता आधारित बनाने का उद्देश्य बताया गया.
महिलाओं की मदद के लिए हेल्पलाइन-181 में 20 पद
महिलाओं को आपात स्थिति में सहायता उपलब्ध कराने के लिए कैबिनेट ने महिला हेल्पलाइन-181 के संचालन हेतु 20 पदों के सृजन को मंजूरी दी. यह टोल-फ्री सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहने के लिए बनाई गई है. इसके माध्यम से संकट में फंसी महिलाओं को चिकित्सा सहायता, आश्रय, कानूनी मदद और भावनात्मक परामर्श जैसी सेवाओं से जोड़ा जा सकेगा.
कॉलेजों और स्कूलों के नाम बदलने को मंजूरी
कैबिनेट ने कुछ शिक्षण संस्थानों के नाम बदलने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी. ईस्ट कामेंग जिले के गवर्नमेंट कॉलेज, सेप्पा का नाम बदलकर डोंगलो सोनम गवर्नमेंट कॉलेज, वेसांग करने का फैसला लिया गया. इसके अलावा गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, डापोरिजो का नाम लेफ्टिनेंट पुंजी मारा गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, डापोरिजो और गवर्नमेंट मॉडल डिग्री कॉलेज, डापोरिजो का नाम पोपक बागे गवर्नमेंट मॉडल डिग्री कॉलेज, रीम्पू योरलो करने को मंजूरी दी गई.
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नए पद
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (NLEP) के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विभिन्न पदों के ग्रेड पे में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई. इसका उद्देश्य वेतन समानता से जुड़ी चिंताओं को दूर करना, कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना और मरीजों की देखभाल तथा पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करना है. इसके साथ ही राज्य में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पांच खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officer) के पद सृजित करने का फैसला लिया गया. इन पदों से खाद्य कानूनों के पालन की निगरानी और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है. कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में काम जारी रखने का संकल्प दोहराया.
यह भी पढ़ें- कुशीनगर में 250 करोड़ से नारायणी नदी पर बनेगा पुल, 5 लाख लोगों की बदलेगी जिंदगी, UP-बिहार का सीधा संपर्क होगा मजबूत


