Agra Bareilly Expressway: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आगरा से बरेली तक बन रहा ग्रीन कॉरिडोर तेजी से आकार ले रहा है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम कर रही है और इसे अगले साल दिसंबर तक आम जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है.
6 घंटे का सफर 2.5 में!
एनएचएआई द्वारा बनाया जा रहा आगरा-बरेली एक्सप्रेसवे 228 किमी लंबा ग्रीन कॉरिडोर है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 7700 करोड़ रुपये है. यह परियोजना चार चरणों में विकसित की जा रही है और इसका उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज, सुरक्षित और जाम-मुक्त कनेक्टिविटी प्रदान करना है, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
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यह एक्सप्रेसवे बनने के बाद आगरा से बरेली तक की यात्रा का समय 6 घंटे से घटकर सिर्फ 2 से ढाई घंटे रह जाएगा. इससे यात्रियों को भारी राहत मिलेगी, खासकर उन लोगों को जो रोजाना या व्यवसाय के लिए इस रूट पर यात्रा करते हैं, साथ ही ईंधन की भी बड़ी बचत होगी.
समयसीमा में काम पूरा हो सके
परियोजना के पहले चरण में मथुरा से हाथरस के देवीनगर तक 66 किमी का हिस्सा पूरा हो चुका है और इस पर यातायात भी शुरू हो गया है. दूसरे चरण (देवीनगर से कासगंज) का लगभग 62% काम पूरा हो चुका है, जिससे निर्माण कार्य की तेज प्रगति साफ दिखाई देती है.
तीसरे चरण में कासगंज से बदायूं तक 46 किमी हिस्से का लगभग 28% काम पूरा हुआ है, जबकि चौथे चरण में बदायूं से बरेली तक करीब 16% निर्माण कार्य हो चुका है. एनएचएआई ने काम में तेजी लाने के लिए मशीनों और संसाधनों की संख्या बढ़ा दी है ताकि तय समयसीमा में काम पूरा हो सके.
जाम की समस्या से काफी हद तक मिलेगी राहत
इस एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा के लिए 20 फ्लाईओवर, 26 अंडरपास, 6 रेल ओवरब्रिज और 5 बड़े पुल बनाए जा रहे हैं. यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर न केवल सफर को सुरक्षित बनाएगा बल्कि शहरों के अंदर ट्रैफिक दबाव को भी कम करेगा, जिससे जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी.
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एक्सप्रेसवे के शुरू होने की उम्मीद अगले साल दिसंबर तक जताई जा रही है. इसके बन जाने से करीब 15 जिलों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और उद्योग को नई गति मिलेगी. साथ ही यह ग्रीन कॉरिडोर पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, जिससे संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा.


