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Author: Anusa
अनुषा ReadMeLoud.com में सीनियर सब एडिटर हैं और उन्हें डिजिटल मीडिया में 7 वर्षों का अनुभव है. उन्होंने हिसार यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया है. पत्रकारिता की शुरुआत रिपोर्टिंग से करने के बाद उन्होंने लोकल प्रिंट मीडिया और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल संस्थान में काम किया.हेल्थ, यूटिलिटी, टेक और ट्रैवल उनकी प्रमुख विशेषज्ञता हैं. इन विषयों पर रिसर्च-बेस्ड, तथ्यात्मक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के साथ वह डिजिटल न्यूज़ स्टोरीज के एडिटोरियल रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और प्रस्तुति पर भी काम करती हैं.अनुषा की सभी खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें- https://readmeloud.com/author/anusa/
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं. यह पुरस्कार उन बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने कम उम्र में खेल, विज्ञान, सामाजिक सेवा, कला, पर्यावरण या बहादुरी जैसे क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं. मंत्रालय के अनुसार, आवेदन और नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है. सभी आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे. Digital India के 11 साल. अब स्कूल और कॉलेज ट्रांसफर होंगे आसान, 110 करोड़ से ज्यादा डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड उपलब्ध कौन कर सकता है आवेदन? प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए 5…
Digital India के 11 साल. अब स्कूल और कॉलेज ट्रांसफर होंगे आसान, 110 करोड़ से ज्यादा डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड उपलब्ध
Digital India कार्यक्रम के 11 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्र सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की बड़ी उपलब्धियों की जानकारी साझा की है. सरकार के अनुसार Academic Bank of Credits (ABC), APAAR ID और National Academic Depository (NAD) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब 110.65 करोड़ से अधिक शैक्षणिक रिकॉर्ड सुरक्षित डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध हैं. सरकार का कहना है कि इन पहलों से स्कूल और उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच स्थानांतरण, प्रवेश प्रक्रिया, छात्रवृत्ति, रोजगार और दस्तावेज सत्यापन पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और पारदर्शी हो गया है. PMGKAY में मिलेगा बेहतर…
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत वितरित किए जाने वाले चावल की गुणवत्ता में बड़ा सुधार करने का फैसला किया है. आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने चावल की गुणवत्ता संबंधी नए मानकों को मंजूरी दे दी है, जिससे देश के 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को बेहतर गुणवत्ता वाला चावल मिलेगा. सरकार के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में लगभग तीन दशक बाद पहली बार चावल के गुणवत्ता मानकों में बदलाव किया गया है. सड़क एम्बुलेंस के लिए नए सुरक्षा नियम प्रस्तावित. ई-एम्बुलेंस, नवजात एम्बुलेंस और अनिवार्य रेस्क्यू उपकरण…
सड़क एम्बुलेंस के लिए नए सुरक्षा नियम प्रस्तावित. ई-एम्बुलेंस, नवजात एम्बुलेंस और अनिवार्य रेस्क्यू उपकरण पर जोर
देश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने सड़क एम्बुलेंस से जुड़े ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS)-125 में संशोधन का मसौदा जारी किया है. प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य एम्बुलेंस की सुरक्षा, कार्यक्षमता और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाना है ताकि दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में मरीजों को अधिक प्रभावी सहायता मिल सके. मंत्रालय ने इस मसौदे पर सार्वजनिक सुझाव भी आमंत्रित किए हैं. अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद नए नियम लागू किए जाएंगे. भारत टेक्स 2026 का काउंटडाउन शुरू. नई दिल्ली में जुटेंगे दुनिया भर के टेक्सटाइल उद्योग…
भारत टेक्स 2026 का काउंटडाउन शुरू. नई दिल्ली में जुटेंगे दुनिया भर के टेक्सटाइल उद्योग के दिग्गज
भारत के सबसे बड़े वैश्विक टेक्सटाइल आयोजन भारत टेक्स 2026 (Bharat Tex 2026) का काउंटडाउन शुरू हो गया है. 14 से 17 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाला यह मेगा एक्सपो देश के संपूर्ण वस्त्र उद्योग को एक वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा. इस आयोजन का समर्थन केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय कर रहा है, जबकि इसका आयोजन भारत टेक्स ट्रेड फेडरेशन द्वारा किया जा रहा है. इसमें विभिन्न टेक्सटाइल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल और उद्योग संगठन भी भागीदार हैं. MANAS क्या है? ड्रग्स की शिकायत और नशा मुक्ति सहायता के लिए सरकार का 1933 हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म…
MANAS क्या है? ड्रग्स की शिकायत और नशा मुक्ति सहायता के लिए सरकार का 1933 हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म
नशीले पदार्थों की तस्करी और नशे की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने MANAS (Madak Padarth Nishedh Asoochna Kendra) नाम से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है. यह नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की पहल है, जिसके जरिए नागरिक ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों की गोपनीय शिकायत दर्ज करा सकते हैं, काउंसलिंग प्राप्त कर सकते हैं और पुनर्वास सेवाओं की जानकारी हासिल कर सकते हैं. यह प्लेटफॉर्म 18 जुलाई 2024 को गृह मंत्रालय के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और Digital India Corporation के सहयोग से शुरू किया गया था. सत्तेनपल्ली बेडशीट्स. आंध्र प्रदेश की हस्तकरघा विरासत, जिसने देशभर में…
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले की सत्तेनपल्ली बेडशीट्स अपनी उत्कृष्ट बुनाई, आकर्षक डिजाइनों और पारंपरिक हस्तकरघा कला के लिए जानी जाती हैं. यह उत्पाद वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल के तहत जिले की प्रमुख पहचान के रूप में उभर रहा है. स्थानीय कारीगरों द्वारा हाथ से तैयार की जाने वाली ये बेडशीट्स आराम, टिकाऊपन और पारंपरिक शिल्पकला का सुंदर मेल प्रस्तुत करती हैं. अडुर्रू बौद्ध स्तूप. 2,400 साल पुरानी विरासत, जहां आज भी जीवित है बौद्ध इतिहास क्या है सत्तेनपल्ली बेडशीट्स की खासियत? सत्तेनपल्ली बेडशीट्स को स्थानीय बुनकर पारंपरिक तकनीकों से तैयार करते हैं. इनमें बारीक बुनाई, आकर्षक रंगों…
आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में स्थित अडुर्रू (Adurru) भारत की प्राचीन बौद्ध विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है. करीब 2,400 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक स्थल का संबंध सम्राट अशोक के समय से माना जाता है. यहां मौजूद विशाल बौद्ध स्तूप और अन्य पुरातात्विक अवशेष आज भी देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की गवाही देते हैं. यह स्थल गोदावरी नदी की सहायक वैनेतेय (Vainateya) नदी के किनारे स्थित है, जो आगे चलकर बंगाल की खाड़ी में मिलती है. दीन दयाल दिव्यांग पुनर्वास योजना क्या है? जानिए कौन उठा सकता है लाभ और कैसे करें आवेदन संघमित्रा से…
दिव्यांगजनों की शिक्षा, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार दीन दयाल दिव्यांग पुनर्वास योजना (Deen Dayal Disabled Rehabilitation Scheme – DDRS) संचालित कर रही है. यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र (Central Sector) योजना है, जिसके तहत दिव्यांगजनों के लिए काम करने वाली पात्र स्वैच्छिक संस्थाओं (NGOs) को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. इस योजना की शुरुआत वर्ष 1999 में हुई थी और 2003 में इसमें संशोधन कर इसका वर्तमान स्वरूप दिया गया. कुटकी खीर क्या है? जानिए मध्य प्रदेश के शहडोल की पारंपरिक आदिवासी मिठाई की खासियत योजना का…
भारत की पारंपरिक खाद्य विरासत में कई ऐसे व्यंजन शामिल हैं, जो किसी क्षेत्र की संस्कृति और स्थानीय जीवनशैली की पहचान बन चुके हैं. इन्हीं में से एक है कुटकी खीर, जो मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाई मानी जाती है. यह व्यंजन विशेष रूप से वहां के आदिवासी समुदायों के बीच काफी लोकप्रिय है. स्थानीय स्तर पर तैयार की जाने वाली यह खीर स्वाद के साथ-साथ पोषण के लिए भी जानी जाती है. भारत-जापान के बीच कई अहम समझौते. AI, रक्षा और ऊर्जा सहयोग को मिलेगा नया विस्तार क्या होती है कुटकी? कुटकी एक प्रकार का…

