अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में नई एसआईटी ने जांच तेज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी ने ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह के बयान दर्ज किए हैं. अयोध्या के सीओ आशुतोष तिवारी ने वीडियो कॉल के जरिए करीब 20 मिनट तक महिपाल सिंह से पूछताछ की. इस दौरान वर्ष 2021 से अब तक की वित्तीय गतिविधियों और चढ़ावे की गिनती में कथित गड़बड़ियों से जुड़े सवाल पूछे गए.
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पहले भी एसआईटी के सामने दर्ज करा चुके हैं बयान
महिपाल सिंह इससे पहले 27 जुलाई को तत्कालीन एसआईटी के सामने भी अपना बयान दर्ज करा चुके हैं. लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित इस एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है. हालांकि, रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लखनऊ आईजी जोन के नेतृत्व में नई एसआईटी गठित की गई है, जिसने मामले की जांच दोबारा आगे बढ़ाई है.
चढ़ावे की गिनती में गड़बड़ी का आरोप
पूछताछ के दौरान महिपाल सिंह ने दानराशि की गणना में कथित अनियमितताओं को लेकर जानकारी दी. उनके मुताबिक, नकदी की गिनती के दौरान रजिस्टर में दर्ज नोटों के बंडलों और कंटेनर में रखे गए वास्तविक नोटों की संख्या में कथित अंतर किया जाता था.
उन्होंने इस संबंध में बैंक कर्मचारियों और रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव की भूमिका होने का भी आरोप लगाया है. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
वीडियो कॉल पर दर्ज बयान जांच का हिस्सा बनेगा
पुलिस के अनुसार, महिपाल सिंह का बयान वीडियो कॉल के माध्यम से दर्ज किया गया है. बयान की रिकॉर्डिंग और पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों को विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा. जरूरत पड़ने पर इन्हें अदालत के समक्ष भी प्रस्तुत किया जा सकता है.
महिपाल सिंह ने मंदिर निर्माण से जुड़े खर्च को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. अब एसआईटी उनके बयानों और उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों का परीक्षण कर सकती है.
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गोविंददेव गिरि को महासचिव बनाए जाने पर भी सवाल
महिपाल सिंह ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूर्व कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि को महासचिव बनाए जाने पर आपत्ति जताई है. महिपाल सिंह का कहना है कि जिस अवधि में स्वामी गोविंददेव गिरि कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उसी दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए थे. अब एसआईटी इन आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय कर सकती है. फिलहाल जांच जारी है और महिपाल सिंह के बयान में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है.


