Bareilly-Haldwani Greenfield Expressway: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सड़क संपर्क को नई दिशा देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू कर दिया है. बरेली से हल्द्वानी के बीच लगभग 100 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिसके लिए प्रारंभिक स्तर पर सीमांकन का कार्य शुरू हो चुका है. NHAI ने बरेली से हल्द्वानी के बीच लगभग 100 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने की योजना शुरू की है. इस प्रोजेक्ट के लिए सीमांकन का काम भी प्रारंभ हो चुका है. यह नया मार्ग पुराने और भीड़भाड़ वाले रास्तों से हटकर पूरी तरह नई जमीन पर विकसित किया जाएगा, जिससे यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम हो सकेगी.
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1 से 1.5 घंटे तक समय की बचत
यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट होगा, यानी इसे पुराने और भीड़भाड़ वाले मार्गों को चौड़ा करने के बजाय नई जमीन और नए रूट पर विकसित किया जाएगा. यह मार्ग घनी आबादी वाले क्षेत्रों को बायपास करते हुए सीधा और तेज सफर सुनिश्चित करेगा. इससे बरेली और हल्द्वानी के बीच यात्रा समय में लगभग 1 से 1.5 घंटे तक की बचत होने की संभावना है.
बरेली-मुरादाबाद हाईवे से कनेक्शन
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को बरेली-मुरादाबाद हाईवे से जोड़ा जाएगा. इससे दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहन सीधे इस कॉरिडोर पर चढ़कर बिना शहर के ट्रैफिक में फंसे उत्तराखंड की ओर तेजी से बढ़ सकेंगे.
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
हल्द्वानी को कुमाऊं क्षेत्र का प्रवेश द्वार माना जाता है. यह एक्सप्रेसवे नैनीताल, भीमताल, रानीखेत और अल्मोड़ा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच को आसान बनाएगा, जिससे उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा.
वहीं, बरेली के उद्योग जैसे लकड़ी, जरी-जरदोजी और कृषि उत्पादों की सप्लाई भी पहाड़ी क्षेत्रों तक तेज और सस्ती हो सकेगी. इससे क्षेत्रीय व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है.
जमीन अधिग्रहण की तैयारी
सीमांकन कार्य पूरा होने के बाद जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. अधिकारियों के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे को कंट्रोल्ड-एक्सेस डिजाइन पर तैयार किया जाएगा, जिसमें उच्च सुरक्षा मानक और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शामिल होंगे.
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आर्थिक विकास की नई राह
यह परियोजना पूरी होने के बाद बरेली एक प्रमुख ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर सकता है. साथ ही यूपी और उत्तराखंड के बीच आर्थिक और सामाजिक संपर्क और मजबूत होंगे. यह एक्सप्रेसवे आने वाले वर्षों में इस पूरे क्षेत्र की विकास रफ्तार को तेज करने वाला एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट माना जा रहा है.


