UP News: उत्तर प्रदेश सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन’ (ODOC) पहल अब प्रदेश के पारंपरिक स्वाद को नई पहचान देने जा रही है. खास बात यह है कि पूरी तरह शाकाहारी इस मेनू में 45% से ज्यादा हिस्सेदारी मिठाइयों की है. राज्य कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद यह योजना स्थानीय व्यंजनों को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.
आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा, मेरठ की गजक, लखनऊ की रेवड़ी और मलाई मक्खन, वाराणसी की तिरंगा बर्फी, अयोध्या की खुरचन पेड़ा-जलेबी जैसे मशहूर स्वाद इस सूची में शामिल किए गए हैं. वहीं छोटे शहरों के पारंपरिक पकवान जैसे बागपत का घेवर, ललितपुर का दो-एोध का हलवा और कुशीनगर का लाल खुरमा भी खास जगह बना चुके हैं.
बरेली से हल्द्वानी तक बनेगा 100 किमी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, बदल जाएगी यूपी-उत्तराखंड की तस्वीर
स्ट्रीट फूड को भी सूची में प्रमुखता दी गई है. प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी और झांसी के समोसे, जबकि लखनऊ, वाराणसी और कानपुर की चाट को खास पहचान मिली है. झांसी का दाल बाफला, गाजियाबाद की सोया चाप, फतेहपुर की बेड़मी पूरी और भदोही का दाल पीठा जैसे व्यंजन भी शामिल हैं.
जिलेवार खास व्यंजन
आगरा-पेठा, गजक, पराठा
मथुरा – पेड़ा, छप्पन भोग, रबड़ी
अयोध्या – कचौड़ी, कुल्हड़ दही-जलेबी
बरेली – सेवइयां, चाट, छोले-भटूरे
गोरखपुर – लिट्टी-चोखा, गार्लिक छोले समोसा
झांसी – दाल बाफला, बालूशाही
कानपुर – समोसा, लड्डू, मलाईयो
लखनऊ – रेवड़ी, चाट, मलाई मक्खन
मेरठ – रेवड़ी, गजक, नानखटाई
उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक इस सूची को तैयार करने में जिला उद्योग केंद्रों, स्थानीय प्रशासन और विश्वविद्यालयों की मदद ली गई. चयन में व्यंजन की लोकप्रियता, इतिहास और रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखा गया. सरकार का लक्ष्य इन पारंपरिक व्यंजनों को ब्रांड बनाकर छोटे कारोबारियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमों को मजबूत करना है. इसके तहत पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, सप्लाई चेन और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने की भी तैयारी की जा रही है.
हमीरपुर नाव हादसा, यमुना नदी में पलटी नाव, 2 शव बरामद; 6 लोग लापता, रेस्क्यू जारी
सरकार का मानना है कि यह पहल सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हजारों छोटे कारोबारियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए रोजगार का नया रास्ता भी खोलेगी. पारंपरिक व्यंजनों को बेहतर पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, सप्लाई चेन और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी की जा रही है, ताकि यूपी का स्वाद देश-दुनिया तक पहुंच सके.


