Bihar Weather Update 2 September 2026: बिहार में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. मौसम विज्ञान केंद्र, पटना कीरिपोर्ट के अनुसार, 2 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. गया, जमुई और नवादा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
मौसम प्रणाली का क्या असर
मौसम विभाग के अनुसार, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और उससे सटे झारखंड के ऊपर बना अच्छी तरह से चिह्नित कम दबाव का क्षेत्र 1 सितंबर की शाम 5:30 बजे इसी क्षेत्र में मौजूद था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. इसके अगले 48 घंटों में झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. इसके अलावा मानसून ट्रफ और अन्य ट्रफ प्रणालियां भी मौसम को प्रभावित कर रही हैं.
2 सितंबर को इन जिलों में भारी बारिश
2 सितंबर को गया, जमुई और नवादा में भारी बारिश की संभावना है. वहीं उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के जिलों में गरज-चमक और वज्रपात के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा चल सकती है.
आने वाले दिनों में भी मौसम पूरी तरह शांत रहने वाला नहीं है. 3 सितंबर को अररिया, भभुआ, कटिहार और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश की संभावना है. 4 सितंबर को कटिहार और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश का अनुमान है. 5 से 7 सितंबर के बीच भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवा का दौर जारी रह सकता है.
बिहार में तापमान का हाल
अगले दो दिनों में बिहार के दक्षिणी हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट का पूर्वानुमान है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है. अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में भी कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने का अनुमान है.
2 सितंबर को उत्तर-पश्चिम बिहार में अधिकतम तापमान 32-34°C और न्यूनतम 24-26°C, उत्तर-मध्य में 32-34°C और 26-28°C तथा उत्तर-पूर्व में 34-36°C और 26-28°C रहने का पूर्वानुमान है. दक्षिण-पश्चिम बिहार में अधिकतम तापमान 32-34°C और न्यूनतम 24-26°C, दक्षिण-मध्य में 32-34°C और 24-26°C तथा दक्षिण-पूर्व में 30-32°C और 24-26°C रह सकता है.
बारिश और वज्रपात का संभावित असर
तेज बारिश से शहरों के निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है. भारी बारिश के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ने और अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जोखिम बढ़ सकता है. गरज-चमक और वज्रपात के दौरान जान-माल तथा पशुओं को नुकसान का खतरा भी रहता है.
लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
मौसम खराब होने पर खुले स्थानों में रहने से बचें और संभव हो तो जल्द किसी पक्के भवन में शरण लें. ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें. बिजली संचालित वस्तुओं से भी दूर रहना जरूरी है. भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचें.
बिहार के अगले दिनों का मौसम
| तारीख | प्रमुख मौसम स्थिति |
|---|---|
| 2 सितंबर | कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटे तक तेज हवा, गया-जमुई-नवादा में भारी बारिश |
| 3 सितंबर | उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्व में गरज-चमक व तेज हवा, अररिया-भभुआ-कटिहार-पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश |
| 4 सितंबर | उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व में गरज-चमक व तेज हवा, कटिहार और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश |
| 5 सितंबर | उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व में गरज-चमक व तेज हवा |
| 6 सितंबर | उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य में गरज-चमक व तेज हवा |
| 7 सितंबर | दक्षिण-पूर्व बिहार में गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे तक तेज हवा |
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र, पटना
FAQs
1. 2 सितंबर को बिहार में सबसे ज्यादा चिंता किन इलाकों को करनी चाहिए?
गया, जमुई और नवादा में भारी बारिश की संभावना है. इसके साथ कई हिस्सों में वज्रपात और तेज हवा का भी पूर्वानुमान है, इसलिए इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम पर नजर रखनी चाहिए.
2. बारिश शुरू होते ही बाहर जाना जरूरी हो तो क्या करें?
अगर गरज-चमक और तेज हवा चल रही हो तो यात्रा टालना बेहतर है. जरूरी होने पर खुले स्थान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें और सुरक्षित पक्की जगह का सहारा लें.
3. क्या बारिश के साथ तापमान भी कम होगा?
दक्षिणी बिहार में अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-3°C की गिरावट का अनुमान है. बाकी हिस्सों में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.
4. क्या सिर्फ भारी बारिश वाले जिलों में ही सावधानी जरूरी है?
नहीं. वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा कई अन्य हिस्सों में भी संभावित है. इसलिए मौसम खराब होने पर पूरे राज्य में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सावधानी जरूरी है.
5. जलजमाव या बाढ़ की स्थिति में सबसे बड़ी गलती क्या हो सकती है?
पानी से भरे निचले इलाकों या अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने का जोखिम नहीं लेना चाहिए. तेज बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना ज्यादा जरूरी है.


