Rajasthan Weather Update 2 September 2026: राजस्थान में मानसून की गतिविधियों में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है. मौसम केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार 2 सितंबर, बुधवार को पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. वहीं पश्चिमी राजस्थान में मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है.
पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर बढ़ने के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है. भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में 2-3 सितंबर से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है. इसके बाद 4 से 7 सितंबर के दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है. इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कोटा संभाग और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तेज या भारी बारिश की संभावना है.
2 सितंबर को इन जिलों में चेतावनी
मौसम केंद्र जयपुर के जिला-वार चेतावनी चार्ट के अनुसार, 2 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार तेज हवाएं चलने की चेतावनी है. चेतावनी वाले जिलों में अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, करौली और खैरथल-तिजारा शामिल हैं.
| क्षेत्र | 2 सितंबर का अनुमान |
|---|---|
| भरतपुर संभाग | कहीं-कहीं बारिश |
| जयपुर संभाग | कहीं-कहीं बारिश |
| कोटा संभाग | कहीं-कहीं बारिश |
| उदयपुर संभाग | कहीं-कहीं बारिश |
| पश्चिमी राजस्थान | मौसम शुष्क रहने की संभावना |
पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली, फलौदी और श्रीगंगानगर में 2 सितंबर के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है.
मौसम का असर क्या हो सकता है
गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है. 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं से पेड़ों की कमजोर शाखाओं, अस्थायी ढांचों और खुले में रखी वस्तुओं को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है. कहीं-कहीं बारिश होने से सड़क पर फिसलन और स्थानीय जलभराव जैसी स्थिति भी बन सकती है.
लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए
बारिश और आंधी के दौरान खुले मैदान, खेत या ऊंचे स्थानों पर जाने से बचें. बिजली चमकने पर पेड़ के नीचे खड़े न हों और संभव हो तो पक्के भवन के अंदर रहें. वाहन चलाते समय अचानक बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए गति नियंत्रित रखें. किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखनी चाहिए. बिजली गिरने की आशंका वाले समय में मौसम विभाग की सलाह को प्राथमिकता देना जरूरी है.
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 3 से 7 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में अधिकांश हिस्सों में मानसून कमजोर रहने की संभावना है, हालांकि 4 से 6 सितंबर के बीच बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 8 सितंबर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में फिर कमी आने की प्रबल संभावना जताई गई है.
Source: मौसम केंद्र जयपुर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)
FAQs
1. क्या 2 सितंबर को राजस्थान के हर जिले में बारिश होगी?
नहीं. पूर्वी राजस्थान के कुछ संभागों में कहीं-कहीं बारिश का अनुमान है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहने की संभावना है.
2. किन जिलों के लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?
2 सितंबर के लिए अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, करौली और खैरथल-तिजारा में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज झोंकेदार हवाओं की चेतावनी है.
3. क्या तेज हवा के साथ भारी बारिश भी होगी?
2 सितंबर के लिए इन चेतावनी वाले जिलों में मुख्य रूप से गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है. भारी बारिश का उल्लेख बाद के दिनों में कुछ क्षेत्रों के लिए किया गया है.
4. बारिश के दौरान बाहर निकलना क्यों जोखिम भरा हो सकता है?
गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर जोखिम बढ़ जाता है. इसलिए मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर है.
5. राजस्थान में बारिश का दौर कब तक रह सकता है?
पूर्वी राजस्थान में 2 से 7 सितंबर के बीच अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बने रहने की संभावना है. 8 सितंबर से अधिकांश हिस्सों में बारिश कम होने का अनुमान है.


