नई दिल्ली, 26 जून 2026. केंद्र सरकार ने खाद्य कारोबार (Food Business) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए छोटे और मध्यम कारोबारियों को राहत दी है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) ने Food Safety and Standards (Licensing and Registration of Food Businesses) Amendment Regulations, 2026 को अधिसूचित कर दिया है.
नए संशोधन का उद्देश्य कारोबारियों पर अनावश्यक अनुपालन (Compliance) का बोझ कम करना है, जबकि खाद्य सुरक्षा (Food Safety) और उत्पादों की ट्रेसबिलिटी (Traceability) से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे.
क्या बदले हैं FSSAI के नियम?
अब तक सभी लाइसेंस प्राप्त खाद्य कारोबारियों के लिए स्टॉक रिकॉर्ड बनाए रखना और FIFO (First In First Out) या FEFO (First Expiry First Out) प्रणाली के अनुसार स्टॉक का प्रबंधन करना अनिवार्य था.
नए संशोधन के बाद यह नियम केवल Food Manufacturing Businesses पर लागू होगा.
यानी अब रिटेलर, किराना दुकानदार और अन्य गैर-निर्माण (Non-Manufacturing) खाद्य कारोबारियों को इन रिकॉर्ड रखने और स्टॉक रोटेशन संबंधी अनिवार्य नियमों से छूट मिल गई है.
किन कारोबारियों को मिलेगा फायदा?
सरकार के अनुसार, इस फैसले से विशेष रूप से निम्न वर्ग के कारोबारियों को राहत मिलेगी-
- किराना दुकानें
- सुपरमार्केट
- फूड रिटेलर
- थोक विक्रेता
- छोटे एवं मध्यम खाद्य व्यवसाय (SMEs)
- अन्य Non-Manufacturing Food Business Operators
इन व्यवसायों को अब कम दस्तावेजी प्रक्रिया और सरल अनुपालन व्यवस्था का लाभ मिलेगा.
Food Manufacturers पर नियम रहेंगे लागू
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि खाद्य निर्माण (Food Manufacturing) करने वाली इकाइयों के लिए FIFO और FEFO जैसे नियम पहले की तरह जारी रहेंगे.
ऐसा इसलिए क्योंकि निर्माण स्तर पर स्टॉक प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण और उत्पादों की ट्रेसबिलिटी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है.
Ease of Doing Business को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का कहना है कि यह संशोधन Ease of Doing Business को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
पिछले कुछ वर्षों में खाद्य कारोबारियों के लिए कई सुधार लागू किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं-
- स्थायी (Perpetual) लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की सुविधा.
- टर्नओवर सीमा में संशोधन.
- स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए दोहरे अनुपालन की समाप्ति.
- जोखिम आधारित (Risk-Based) निरीक्षण प्रणाली का लागू होना.
NITI Aayog की सिफारिशों के अनुरूप फैसला
मंत्रालय ने बताया कि यह संशोधन NITI Aayog की उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के अनुरूप किया गया है.
नियमों में बदलाव से पहले राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और खाद्य उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों से व्यापक चर्चा भी की गई.
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सरकार ने क्या कहा?
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक आधार पर तैयार नियमों, हितधारकों से परामर्श और सरल नियामक व्यवस्था के माध्यम से भारत की खाद्य सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाना है.
साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जहां खाद्य सुरक्षा के लिए कड़े नियंत्रण आवश्यक हैं, वहां नियम पहले की तरह प्रभावी बने रहें.
Source: Ministry of Health & Family Welfare.


