Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद थाना क्षेत्र के परियल गांव में एक 8 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत के बाद गांव का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है. एक तरफ जहां परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्ची की मौत पुलिस कार्रवाई से उपजे सदमे के कारण हुई है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे महज एक अफवाह करार दिया है.
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एसडीएम पर पथराव के बाद बढ़ा तनाव
दरअसल, मामले की शुरुआत सोमवार को हुई जब शाहाबाद के उपजिलाधिकारी (SDM) सुशील कुमार मिश्रा गांव में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे. इस दौरान किसी बात को लेकर एसडीएम और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया. ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव में एसडीएम के सिर में गंभीर चोट आई. इस घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और स्थिति को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. पुलिस ने मामले की तफ्तीश के लिए कई लोगों से पूछताछ भी शुरू की.
परिजनों का गंभीर आरोप: ‘पिता के साथ मारपीट देख सहम गई रूबी’
इसी कार्रवाई के बीच, ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने ग्राम पंचायत सदस्य लालाराम राजपूत के घर में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की.
वहीं, मृतक बच्ची रूबी के पिता राममोहन का आरोप है कि जब वह अपनी 8 साल की बेटी के साथ एक भंडारे से लौट रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोककर उनके साथ मारपीट की. परिजनों के मुताबिक, पिता को पुलिस की गिरफ्त में और मारपीट होते देख रूबी बुरी तरह घबरा गई और बेहोश हो गई. आरोप है कि पुलिस राममोहन को अपने साथ ले गई, जिसके बाद रात करीब 12 बजे बच्ची की हालत और बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई. रात करीब 1 बजे भारी अनुरोध के बाद पुलिस ने पिता को छोड़ा.
पुलिस प्रशासन की सफाई: ‘बीमार थी बच्ची, अफवाहों पर न दें ध्यान’
इस पूरे मामले पर सियासत और तनाव बढ़ता देख अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) पश्चिमी, मार्तंड प्रकाश सिंह ने सामने आकर पुलिस का पक्ष रखा है. एएसपी ने परिजनों के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्ची के पिता को न तो गिरफ्तार किया गया था और न ही हिरासत में लिया गया था. बच्ची पिछले 17-18 दिनों से लगातार बीमार चल रही थी. जब उसकी तबीयत ज्यादा खराब हुई, तो पुलिस की मदद से ही उसे इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया था.
एएसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने स्पष्ट किया कि बच्ची की मौत का कारण उसकी बीमारी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को भ्रामक और अफवाह बताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है.
जांच और कार्रवाई की मांग
फिलहाल, गमगीन माहौल के बीच बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. लेकिन गांव में अभी भी शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है. पीड़ित परिवार और ग्रामीण अब इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं.


