Jhansi News: अगर आप बुंदेलखंड की धरा पर अपने सपनों के आशियाने का ख्वाब बुन रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहद शानदार और दिल को छू लेने वाली खबर है! क्रांतिधरा झांसी को आधुनिकता का नया लिबास पहनाने के लिए झांसी विकास प्राधिकरण (JDA) ने कमर कस ली है. ‘नई झांसी’ के रूप में एक ऐसे आधुनिक और भव्य शहर का सपना साकार होने जा रहा है, जो न सिर्फ झांसी की तस्वीर बदलेगा, बल्कि यहाँ के लोगों की तकदीर और जीवनशैली में भी नए रंग भरेगा.
ज़मीन का इंतज़ाम तेज़, विकास को मिलेगी नई रफ़्तार
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत रुंदकरारी में 1100 एकड़ के विशाल कैनवास पर उकेरी जा रही इस ‘नई झांसी’ टाउनशिप को पंख देने की तैयारी पूरी है. जेडीए अब 43 काश्तकारों की 53 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण करने जा रहा है. यही नहीं, 90 एकड़ ग्राम सभा की भूमि के पुनर्ग्रहण के लिए जेडीए ₹40 करोड़ सरकारी खजाने में जमा कराएगा, जिसे जिलाधिकारी (DM) की ओर से हरी झंडी भी मिल चुकी है. ज़मीन के इस इंतज़ाम से योजना को ऐसी रफ़्तार मिलेगी, जिसकी उम्मीद यहाँ का हर नागरिक कर रहा था.
9 सेक्टरों में खिलखिलाएगा सपनों का नया शहर
‘नई झांसी’ को बेहद खूबसूरती से 9 अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर विकसित किया जा रहा है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ हरियाली का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा. प्राधिकरण अब तक अपनी कुल ज़रूरत की 82% ज़मीन (लगभग 900 एकड़) अपने नाम कर चुका है, जो इस बात का सुबूत है कि नया शहर अब कागज़ों से निकलकर ज़मीन पर आकार ले रहा है.
125 एकड़ में फैले पहले सेक्टर के 1,109 भूखंडों का ई-लॉटरी आवंटन 4 दिसंबर 2025 को सफलता पूर्वक पूरा हो चुका है. जिन परिवारों को यहाँ ज़मीन मिली है, उनके चेहरे की खुशी देखते ही बनती है. लगभग 115 एकड़ में फैले दूसरे सेक्टर में भी 1,000 से अधिक परिवारों को उनके सपनों का भूखंड उपलब्ध कराया जाएगा.
थोड़ा सा इंतज़ार, पर फिर होगा सपनों का आगाज़!
दूसरे सेक्टर के लिए पंजीकरण का इंतज़ार कर रहे लोगों को थोड़ा सा सब्र और रखना होगा. पहले इसके लिए 15 अगस्त तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू करने की योजना थी, लेकिन एक निजी काश्तकार की 8 एकड़ ज़मीन के अधिग्रहण की कागज़ी प्रक्रियाओं के चलते अब इसमें 2 से 3 महीने का अतिरिक्त समय लग सकता है. पर यकीन मानिए, यह इंतज़ार बेहद मीठा होने वाला है!
तीसरी-चौथी रेल लाइन के लिए अमरोहा के 46 गांवों में अधिग्रहित होगी भूमि, सर्वे की तैयारी तेज
हिमांशु गौतम ने क्या कहा?
जेडीए उपाध्यक्ष हिमांशु गौतम ने बताया कि नए शहर के लिए लगभग 82 फीसदी भूमि क्रय की जा चुकी है. अब 53 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. इसके अलावा गांव सभा की 90 एकड़ भूमि के पुनर्ग्रहण की भी मंजूरी मिल गई है. झांसी अब सिर्फ अपने गौरवशाली इतिहास के लिए ही नहीं, बल्कि अपने आधुनिक और सुनहरे भविष्य के लिए भी जानी जाएगी. अगर आप भी इस नए दौर का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो तैयार रहिए,’नई झांसी’ बाहें फैलाकर आपका स्वागत करने को बेताब है.


