Delhi News: दिवाली से ठीक दो दिन पहले दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बड़ा कदम उठाया है. आयोग की GRAP उप-समिति ने शुक्रवार को दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू करने का फैसला किया है. इसका मकसद प्रदूषण के स्तर को और गंभीर होने से रोकना है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 382 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में है. हालांकि, कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंचने से स्थिति गंभीर बनी हुई है.
दिल्ली के कई इलाकों में AQI 474 तक पहुंचा
CPCB के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है. IIT दिल्ली और रोहिणी में AQI 474 दर्ज किया गया. वहीं, पंजाबी बाग में 465, आरके पुरम में 443, ITO में 422, फिरोज शाह रोड में 420 और इंडिया गेट पर 403 AQI रिकॉर्ड किया गया. AQI के मानकों के मुताबिक, 301 से 400 के बीच का स्तर बेहद खराब और 401 से 500 के बीच का स्तर गंभीर श्रेणी में आता है. ऐसे में दिवाली से पहले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए GRAP-3 लागू किया गया है.
GRAP-3 में किन चीजों पर लगेगी पाबंदी?
GRAP-3 लागू होने के बाद पहले से जारी GRAP-1 और GRAP-2 के प्रतिबंध भी जारी रहेंगे. इसके साथ ही प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती बढ़ाई जाएगी.
- वाहनों पर प्रतिबंध: दिल्ली और निर्धारित NCR जिलों में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लागू होगा.
- निर्माण कार्य बंद: गैर-जरूरी निर्माण कार्य, खुदाई, तोड़फोड़, मिट्टी की खुदाई और सड़क निर्माण जैसी धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी.
- स्टोन क्रशर और खनन: प्रदूषण फैलाने वाले स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियों को बंद करने या प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए गए हैं.
- स्कूलों पर फैसला: कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड मोड में पढ़ाई का विकल्प लागू करने का अधिकार संबंधित अधिकारियों को दिया गया है.
- सार्वजनिक परिवहन: निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए मेट्रो की अतिरिक्त फेरे और बसों की संख्या बढ़ाने जैसे कदम उठाए जाएंगे.
दिल्ली के साथ यूपी, हरियाणा और राजस्थान के NCR जिलों में भी लागू होंगे नियम
GRAP-3 के तहत लगाए गए प्रतिबंध केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेंगे. ये दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के संबंधित NCR जिलों में भी लागू होंगे. CAQM ने मौसम और प्रदूषण के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है.
इसमें भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटियरोलॉजी (IITM) के पूर्वानुमानों को आधार बनाया गया है. इसका उद्देश्य AQI के गंभीर स्तर पर पहुंचने से पहले ही प्रदूषण पर नियंत्रण करना है.
क्या है GRAP? चार चरणों में लागू होता है एक्शन प्लान
GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया आपातकालीन ढांचा है. इसे चार चरणों में लागू किया जाता है.
- GRAP-1 (खराब): AQI 201 से 300 होने पर सड़क की धूल नियंत्रित करने, प्रदूषण मानकों का पालन कराने और खुले में कचरा जलाने पर रोक जैसे कदम उठाए जाते हैं.
- GRAP-2 (बेहद खराब): AQI 301 से 400 होने पर पार्किंग शुल्क बढ़ाने, धूल नियंत्रण और कार्यालयों के समय में बदलाव जैसे उपाय किए जाते हैं.
- GRAP-3 (गंभीर): AQI 401 से 450 की श्रेणी में पहुंचने पर वाहनों और निर्माण गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध लगाए जाते हैं. प्राथमिक कक्षाओं के लिए हाइब्रिड पढ़ाई का विकल्प भी दिया जाता है.
- GRAP-4 (गंभीर से भी ज्यादा): AQI 450 से ऊपर जाने पर भारी वाहनों के प्रवेश और औद्योगिक गतिविधियों पर और कड़े प्रतिबंध लगाए जाते हैं.
बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर प्रदूषण का खतरा
दिल्ली-NCR में बढ़ता प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए अधिक खतरनाक साबित हो सकता है. PM2.5, PM10 और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे प्रदूषक सांस और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं. GRAP-3 लागू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को और बिगड़ने से रोकना और दिल्ली-NCR को GRAP-4 जैसी गंभीर स्थिति में पहुंचने से बचाना है. इसके लिए संबंधित एजेंसियों को मिलकर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.


