MP Mausam 28 September 2026: मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अब धीरे-धीरे कमजोर होता नजर आ रहा है, लेकिन 28 सितंबर को कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है. मौसम केंद्र भोपाल के 27 सितंबर को जारी दैनिक मौसम विवरण के अनुसार, कुछ जिलों में बारिश की संभावना है, जबकि कई हिस्सों में आंधी, बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है.
पिछले 24 घंटे में कई इलाकों में बारिश
मौसम केंद्र के अनुसार पिछले 24 घंटों में रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर बारिश दर्ज की गई. चंबल और जबलपुर संभाग में कुछ स्थानों पर बारिश हुई, जबकि भोपाल और ग्वालियर संभाग में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई. प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा.
बारिश के आंकड़ों में पवई में 61 मिमी, नौगांव में 58.8 मिमी और अमानगंज में 55 मिमी बारिश दर्ज की गई. विजय राघवगढ़ में 46.6 मिमी, शाहनगर में 44.2 मिमी, मझगांव में 40 मिमी और डिंडोरी में 39.3 मिमी बारिश दर्ज हुई.
28 सितंबर को इन जिलों में बारिश की संभावना
28 सितंबर को भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर और नीमच समेत कई जिलों में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
इसके अलावा गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर और पांढुर्णा में भी कहीं-कहीं बारिश की संभावना है.
इन जिलों में तेज हवाओं और बिजली का अलर्ट
मौसम विभाग ने भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर और नीमच समेत कई जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक, बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की झोंकेदार हवाओं की चेतावनी दी है. इस सूची में ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, रीवा, सतना, जबलपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर समेत कई अन्य जिले भी शामिल हैं.
तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी
मौसम केंद्र ने बताया है कि पूर्वी मध्य प्रदेश में दिन के तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. भोपाल और आसपास के इलाकों में 28 सितंबर की सुबह तक मुख्यतः साफ आकाश रहने का अनुमान है. यहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. हवा की औसत गति 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है.
अभी भी कई इलाकों में मौसम सुहाना
पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में प्रदेश के सभी संभागों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ. ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.2 से 9.6 डिग्री तक कम रहा. वहीं चंबल संभाग में तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री तक कम रहा.
प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान धार में 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे अधिक अधिकतम तापमान खरगोन में 32.6 डिग्री सेल्सियस रहा.
किसानों और आम लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी गई है. पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण नहीं लेनी चाहिए. घर के अंदर रहना, खिड़की-दरवाजे बंद रखना और संभव हो तो यात्रा से बचना सुरक्षित रहेगा. किसानों को बारिश और तेज हवा के दौरान सिंचाई, खाद और कीटनाशक का छिड़काव स्थगित करने की सलाह दी गई है.
मौसम केंद्र ने किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखने और मौसम की ताजा जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग तथा स्थानीय अधिकारियों के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की भी सलाह दी है.
Source: https://mausam.imd.gov.in/bhopal/mcdata/dwr.pdf
FAQs
1. 28 सितंबर को मध्य प्रदेश में बारिश होगी?
हां. 28 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक कई जिलों में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.
2. 28 सितंबर को किन जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट है?
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, सागर समेत कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की झोंकेदार हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली की चेतावनी है.
3. मध्य प्रदेश में सबसे कम तापमान कहां दर्ज हुआ?
27 सितंबर के मौसम विवरण के अनुसार धार में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ.
4. क्या मध्य प्रदेश में तापमान बढ़ेगा?
हां. पूर्वी मध्य प्रदेश में दिन के तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान है.
5. किसानों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
बारिश और तेज हवाओं के दौरान सिंचाई, खाद और कीटनाशक का छिड़काव स्थगित करने, खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखने और आधिकारिक मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है.


