नई दिल्ली: चुनाव आयोग में कथित मतभेदों की खबरों के बीच शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी ने नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में फुल कमीशन बैठक की. बैठक के बाद आयोग ने अपने कामकाज, Special Intensive Revision (SIR), मतदाता पंजीकरण और ECINET को लेकर उठे सवालों पर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया.
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SIR पर तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति का दावा
चुनाव आयोग ने कहा कि 24 जून 2025 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR शुरू करने से जुड़ा आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी हुआ था. आयोग के मुताबिक, इसके बाद SIR से जुड़े कार्यक्रम और अन्य फैसले भी सर्वसम्मति से लिए गए.
आयोग ने यह भी कहा कि SIR शुरू करने वाले मूल आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है. यह स्पष्टीकरण उन रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से SIR से जुड़े कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां उठाए जाने की बात कही गई थी.
Form 6 को लेकर क्या कहा चुनाव आयोग ने?
नए मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 को लेकर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की. SIR प्रक्रिया के दौरान फॉर्म में पिछले SIR से आवेदक या उसके माता-पिता के संबंध से जुड़ा एक घोषणा-पत्र शामिल किया गया था. आयोग ने कहा कि SIR के दौरान इस्तेमाल की जा रही इस घोषणा को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है. वहीं, SIR के बाहर नए मतदाता पंजीकरण के लिए Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित Form 6 ही इस्तेमाल किया जाएगा.
गोवा के 97 मतदाताओं पर भी दी जानकारी
गोवा में 97 मतदाताओं के शुरुआती तौर पर मतदाता सूची से बाहर रह जाने के मामले पर भी आयोग ने जानकारी दी. आयोग के अनुसार, गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बूथ लेवल अधिकारियों को घर-घर जाकर जरूरी फॉर्म जमा कराने के निर्देश दिए थे. इन 97 मतदाताओं में से 81 ने पहले ही Form 6 जमा कर दिया है, जिससे उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके.
ECINET की होगी समीक्षा
चुनाव आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET को लेकर भी सवाल उठे थे. आयोग ने कहा कि फील्ड अधिकारियों को उनकी वैधानिक शक्तियों के अनुरूप भूमिका-आधारित एक्सेस दिया जाता है. आयोग ने ECINET की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने की बात कही है. इस समिति की अध्यक्षता एक वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त करेंगे और इसमें IIT या IIIT के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ को भी शामिल किया जाएगा. ECINET को आयोग ने 2026 में अपने चुनाव संबंधी डिजिटल प्लेटफॉर्म के तौर पर लॉन्च किया था.
दिल्ली और महाराष्ट्र में SIR की समयसीमा बढ़ाई
आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में SIR से जुड़े दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा भी बढ़ाई है. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में यह अवधि 30 अक्टूबर और महाराष्ट्र में 12 नवंबर तक की गई है. संबंधित मामलों के निस्तारण की समयसीमा भी आगे बढ़ाई गई है.
आगे से बैठक का एजेंडा पहले साझा होगा
आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर आयोग ने कहा कि भविष्य में कमीशन की बैठकों का एजेंडा पहले से सभी सदस्यों के साथ साझा किया जाएगा और बैठक के बाद मिनट्स जारी किए जाएंगे. आयोग ने यह भी कहा कि चुनाव आयुक्तों की ओर से अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा. कैबिनेट सचिव को भेजे गए एक पत्र पर भी आयोग ने कहा कि वह एक प्रतिनियुक्त अधिकारी के कामकाज से जुड़े प्रशासनिक विषय से संबंधित था, न कि आयोग की नीति या उसके आईटी प्रभाग से जुड़ा कोई फैसला.
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चुनाव आयोग ने पूरे मामले पर जोर देते हुए कहा कि SIR सहित उसके प्रमुख फैसले तीनों आयुक्तों की सामूहिक और सर्वसम्मत निर्णय प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं.


