MP Weather Update 25 August 2026: मध्य प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल जारी है. मौसम केंद्र भोपाल की 25 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, 26 अगस्त यानी बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. कुछ जिलों में अति भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी दी गई है.
26 अगस्त को कैसा रहेगा मध्य प्रदेश का मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक, 26 अगस्त को प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी, वहीं, कई जिलों में अनेक स्थानों और कुछ क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है. बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट और मैहर में अनेक स्थानों पर बारिश की संभावना है. रायसेन, सतना, कटनी, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में अधिकांश स्थानों पर बारिश का अनुमान है.
इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
26 अगस्त को पन्ना, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं-कहीं अति भारी बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं की चेतावनी है.
वहीं रायसेन, सीहोर, राजगढ़, देवास, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, डिंडोरी, कटनी, मंडला, सागर और छतरपुर में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं का अलर्ट है.
इसके अलावा भोपाल, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मैहर और पांढुर्णा में कहीं-कहीं गरज-चमक, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
अचानक बाढ़ का भी खतरा
मौसम विभाग ने 26 अगस्त को सुबह 11:30 बजे तक कुछ क्षेत्रों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ का जोखिम जताया है. पूर्वी मध्य प्रदेश में रीवा, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में भिंड और दतिया इसके संभावित प्रभावित जिले हैं. बारिश के कारण संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही जल बहाव या जलभराव हो सकता है.
बारिश का असर क्या हो सकता है
तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और अंडरपास में पानी भरने की स्थिति बन सकती है. नदियों और जलप्रपातों का जलस्तर बढ़ने से निचले पुलों और सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो सकता है. नदी तटबंधों के कटाव और अचानक बाढ़ का जोखिम भी कुछ इलाकों में बढ़ सकता है.
भोपाल में कैसा रहेगा मौसम
भोपाल और आसपास के इलाकों में 26 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक मौसम सामान्यतः बादलों से घिरा रहने तथा बिजली चमकने, गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है. हवा की औसत गति 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान क्रमशः 28 और 23 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है.
मौसम का सिस्टम क्या कहता है
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 25 अगस्त की सुबह झारखंड और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था, जिसके अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना जताई गई थी. मानसून ट्रफ भी सक्रिय है और पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़े परिसंचरण में मिल गया है. इन मौसमी प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं.
लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए
गरज-चमक या बिजली गिरने के दौरान घर के अंदर रहें और पेड़, बिजली के खंभों तथा खुले स्थानों के नीचे शरण न लें. संभव हो तो बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें. बिजली चमकने पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली के स्रोत से अलग कर दें और पानी के स्रोतों से तुरंत दूर हो जाएं. वाहन चलाते समय गति कम रखें और पुलों तथा खुले ऊंचे रास्तों पर विशेष सावधानी बरतें.
किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने, तेज हवाओं से बचाव के लिए कमजोर पौधों को सहारा देने और बारिश के दौरान सिंचाई, उर्वरक डालने तथा फसलों पर दवाओं के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है. कटाई, मड़ाई और उपज सुखाने का काम खराब मौसम के दौरान टालना बेहतर रहेगा.
मौसम विभाग की सलाह पर रखें नजर
26 अगस्त को मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले अपडेट को नजरअंदाज न करें. खासकर चेतावनी वाले जिलों में रहने वाले लोग यात्रा और बाहरी गतिविधियों की योजना मौसम की स्थिति देखकर ही बनाएं.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र भोपाल, मध्य प्रदेश.
FAQs
1. 26 अगस्त को मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा चिंता किन जिलों को करनी चाहिए?
पन्ना, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में अति भारी बारिश की चेतावनी है, इसलिए इन जिलों में रहने वालों को मौसम अपडेट पर खास नजर रखनी चाहिए.
2. अगर बारिश हो रही हो और बिजली चमकने लगे तो क्या करें?
खुले स्थान से तुरंत सुरक्षित जगह पर जाएं. पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे खड़े होने के बजाय किसी सुरक्षित भवन के अंदर रहना बेहतर है.
3. क्या भारी बारिश में वाहन से निकलना सुरक्षित है?
जहां संभव हो अनावश्यक यात्रा टालें. यदि निकलना जरूरी हो तो धीमी गति रखें और जलभराव वाले रास्तों, पुलों तथा खुले ऊंचे मार्गों से सावधानी बरतें.
4. किसानों को सबसे पहले किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
खेतों में पानी की निकासी बनाए रखना जरूरी है. तेज बारिश या आंधी की संभावना में कटाई, मड़ाई, सुखाने और खुले खेत में काम करने से बचना चाहिए.
5. क्या सिर्फ भारी बारिश से ही खतरा है?
नहीं. बारिश के साथ वज्रपात, 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाएं, जलभराव और कुछ जिलों में अचानक बाढ़ का जोखिम भी बताया गया है. इसलिए सिर्फ बारिश की मात्रा देखकर खतरे का आकलन नहीं करना चाहिए.


