Weather Update 25 August 2026: देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और 25 अगस्त से कुछ राज्यों में इसका असर और बढ़ सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के बुलेटिन के अनुसार, 25 अगस्त को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पूर्वोत्तर राज्यों समेत कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है.
25 अगस्त को कहां होगी भारी बारिश
IMD के अनुसार 25 अगस्त यानी मंगलवार को छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल एवं माहे, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल, उत्तर प्रदेश और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
इस दौरान बिहार, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल-माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बारिश का जोर
उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है. IMD के विस्तृत पूर्वानुमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 अगस्त के बीच काफी व्यापक से व्यापक बारिश का अनुमान है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
बिहार में 25 अगस्त को भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है. विभाग के अनुसार बिहार में 25 अगस्त को कई स्थानों पर बारिश की स्थिति बन सकती है और 24 से 30 अगस्त के बीच कुछ हिस्सों में गरज-चमक व तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है.
किन जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
IMD ने 25 अगस्त को सुबह 11:30 बजे तक कुछ इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड रिस्क की संभावना जताई है. ओडिशा में बालासोर, क्योंझरगढ़, मयूरभंज, जाजपुर, ढेंकनाल, अंगुल, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, देवगढ़, संबलपुर, सोनपुर और बरगढ़ जिले शामिल हैं.
छत्तीसगढ़ में कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, कोरबा, बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर, बलौदा बाजार, महासमुंद, मुंगेली, कबीरधाम और राजनांदगांव जिलों में फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है. पूर्वी मध्य प्रदेश में बालाघाट, डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, कटनी, शहडोल, रीवा, सीधी, उमरिया, सतना और सिंगरौली जिले जोखिम वाले क्षेत्रों में हैं.
26 से 30 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम
25 अगस्त के बाद भी बारिश का सिलसिला पूरी तरह थमने वाला नहीं है. 26 अगस्त को मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, केरल, मध्य महाराष्ट्र, पूर्वोत्तर राज्यों और विदर्भ में भारी बारिश हो सकती है.
27 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम-त्रिपुरा और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. 28 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में बारिश का असर बना रह सकता है. 29 और 30 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वोत्तर राज्यों और उत्तराखंड समेत कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है.
बारिश की वजह क्या है
IMD के मुताबिक 24 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे लगे झारखंड तथा उत्तर ओडिशा के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है और इसके अगले 24 घंटे में झारखंड तथा उत्तर ओडिशा से होकर लगभग उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है.
इसके अलावा मानसून ट्रफ अमृतसर, नजीबाबाद, शाहजहांपुर और वाराणसी होते हुए कम दबाव वाले क्षेत्र तक फैली हुई है. दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और झारखंड होते हुए कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़ी एक ट्रफ भी सक्रिय है.
बारिश का आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा
भारी से बहुत भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ की स्थिति बन सकती है. तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है. तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है. IMD ने भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़क एवं रेल यातायात प्रभावित होने तथा कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन, मडस्लाइड और जलभराव की संभावना भी बताई है.
किसानों के लिए भी सावधानी जरूरी है. भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, जलभराव रोकने और बारिश के दौरान उर्वरक व फसल सुरक्षा संबंधी काम टालने की सलाह दी गई है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और विदर्भ समेत कई क्षेत्रों के लिए IMD ने फसल और बागवानी फसलों को सहारा देने तथा जल निकासी बेहतर रखने की सलाह दी है.
मौसम खराब हो तो इन बातों का रखें ध्यान
बारिश और आंधी के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें. बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ के नीचे खड़े न हों और सुरक्षित पक्की जगह पर रहें. पानी के अंदर या जलभराव वाले स्थानों में खड़े होने से बचना चाहिए. IMD ने बिजली गिरने की आशंका में बिजली के उपकरणों को अनप्लग करने और ऐसे स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है जहां बिजली के सुचालक पदार्थ मौजूद हों.
वाहन चालकों को भारी बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक जोखिम नहीं लेने की जरूरत है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहना चाहिए. पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए नियंत्रित करने की सलाह दी गई है.
25 अगस्त मौसम अलर्ट एक नजर में
| क्षेत्र | 25 अगस्त का संभावित मौसम |
|---|---|
| मध्य प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश |
| छत्तीसगढ़ | भारी से बहुत भारी बारिश |
| बिहार | भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा |
| उत्तर प्रदेश | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| झारखंड | भारी बारिश और गरज-चमक |
| पूर्वोत्तर भारत | कई हिस्सों में भारी बारिश |
| कर्नाटक | भारी बारिश, कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं |
| केरल | भारी बारिश और गरज-चमक |
| मध्य महाराष्ट्र | भारी बारिश |
| विदर्भ | भारी बारिश |
| तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल | भारी बारिश और गरज-चमक |
यह पूर्वानुमान IMD के 24 अगस्त 2026 के बुलेटिन पर आधारित है. विभाग के अनुसार किसी दिन की चेतावनी 0830 IST से अगले दिन 0830 IST तक मान्य होती है, इसलिए स्थानीय और ताजा अपडेट के लिए IMD की आधिकारिक मौसम सूचना देखना जरूरी है.
5 सवाल-जवाब जो मौसम को लेकर लोगों के मन में आते हैं
1. क्या 25 अगस्त को हर जगह भारी बारिश होगी?
नहीं. IMD का पूर्वानुमान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बताता है. इसका मतलब पूरे राज्य या जिले में एक समान बारिश होना नहीं है.
2. किन इलाकों में सबसे ज्यादा सावधानी जरूरी है?
जहां भारी से बहुत भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है, वहां लोगों को अधिक सतर्क रहना चाहिए. खासकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के सूचीबद्ध जिलों में जलभराव को लेकर सावधानी जरूरी है.
3. क्या गरज-चमक के दौरान बाहर निकलना सुरक्षित है?
बिजली चमकने के दौरान खुले स्थान, पेड़ और जलस्रोतों से दूर रहना बेहतर है. सुरक्षित इमारत में रहना अधिक उचित है.
4. किसानों को अभी सबसे ज्यादा किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों में पानी जमा न होने दें और बारिश के दौरान उर्वरक तथा फसल सुरक्षा संबंधी काम टालें.
5. क्या बारिश का दौर 25 अगस्त के बाद खत्म हो जाएगा?
नहीं. IMD के सात दिन के पूर्वानुमान में 26 से 30 अगस्त तक भी कई राज्यों में बारिश और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग


