देश के आकांक्षी जिलों (Aspirational Districts) और सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार लगातार राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) नेटवर्क का विस्तार कर रही है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि देश के सभी आकांक्षी जिले अब राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़े हुए हैं.
उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में सीमावर्ती क्षेत्रों में 3,318 किलोमीटर लंबाई की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं स्वीकृत की गईं, जिनमें से 1,301 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है.
सभी आकांक्षी जिले राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़े
सरकार के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में आकांक्षी जिलों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों का व्यापक विकास किया गया है.
इन राज्यों में सबसे अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण दर्ज किया गया:
- झारखंड – 890 किमी
- महाराष्ट्र – 781 किमी
- मध्य प्रदेश – 675 किमी
- बिहार – 595 किमी
- राजस्थान – 487 किमी
- ओडिशा – 481 किमी
- छत्तीसगढ़ – 449 किमी
- आंध्र प्रदेश – 384 किमी
इसके अलावा उत्तर प्रदेश में 150 किमी, तेलंगाना में 252 किमी, पश्चिम बंगाल में 251 किमी और कर्नाटक में 244 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग पूरे किए गए.
सीमावर्ती इलाकों में भी तेज हुआ हाईवे विकास
सरकार ने बताया कि सीमावर्ती राज्यों में रणनीतिक महत्व को देखते हुए सड़क संपर्क मजबूत किया जा रहा है.
पिछले पांच वर्षों में:
- 3,318 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं स्वीकृत हुईं.
- 1,301 किमी सड़क निर्माण पूरा हुआ.
सबसे अधिक स्वीकृत लंबाई वाले राज्यों में:
- अरुणाचल प्रदेश – 740 किमी
- जम्मू-कश्मीर – 355 किमी
- उत्तराखंड – 266 किमी
- पश्चिम बंगाल – 265 किमी
- मणिपुर – 241 किमी
देशभर में 25,917 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर काम
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में देशभर में 1,191 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर काम चल रहा है.
इन परियोजनाओं की कुल लंबाई लगभग 25,917 किलोमीटर है और इनकी अनुमानित लागत ₹7.15 लाख करोड़ है.
इनमें करीब 3,100 किलोमीटर सड़कें सीमावर्ती क्षेत्रों में विकसित की जा रही हैं ताकि रणनीतिक और दूरदराज के इलाकों में बेहतर संपर्क सुनिश्चित किया जा सके.
PM गति शक्ति योजना के तहत हो रहा विकास
सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास और रखरखाव एक सतत प्रक्रिया है.
नई परियोजनाओं का चयन यातायात घनत्व, सड़क की स्थिति, कनेक्टिविटी की आवश्यकता तथा पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान (NMP) के साथ समन्वय को ध्यान में रखते हुए किया जाता है.
इसके अलावा दूरदराज के क्षेत्रों में फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए रोपवे नेटवर्क के विकास पर भी काम किया जा रहा है.
राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर हजारों करोड़ रुपये का खर्च
मंत्रालय द्वारा साझा आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रखरखाव पर कई राज्यों में बड़े स्तर पर खर्च किया गया.
कुछ प्रमुख राज्यों का व्यय:
- उत्तर प्रदेश – ₹24,640 करोड़
- महाराष्ट्र – ₹20,504 करोड़
- आंध्र प्रदेश – ₹12,109 करोड़
- कर्नाटक – ₹11,446 करोड़
- मध्य प्रदेश – ₹10,519 करोड़
- बिहार – ₹9,962 करोड़
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यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी.
स्रोत: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय.


