Pregnancy Overeating Tips: गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से भूख पहले की तुलना में अधिक लग सकती है. इसके अलावा कई महिलाओं को मीठा, नमकीन या तली हुई चीजें खाने की तीव्र इच्छा भी होती है. परिवार और समाज में अक्सर यह धारणा भी रहती है कि गर्भवती महिला को “दो लोगों का खाना” खाना चाहिए, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार प्रेगनेंसी में जरूरत से ज्यादा नहीं, बल्कि पोषण से भरपूर संतुलित आहार लेना ज्यादा जरूरी होता है. लगातार ओवर ईटिंग करने से जरूरत से ज्यादा वजन बढ़ सकता है, जिससे गर्भावस्था के दौरान कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है.
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ओवर ईटिंग से क्या नुकसान हो सकते हैं?
जरूरत से ज्यादा खाना खाने से अत्यधिक वजन बढ़ना, गर्भकालीन मधुमेह (Gestational Diabetes), हाई ब्लड प्रेशर, पाचन संबंधी समस्याएं, एसिडिटी, कब्ज और डिलीवरी के दौरान जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा मां का अनियंत्रित वजन बढ़ने से बच्चे के जन्म के समय अधिक वजन होने की संभावना भी बढ़ सकती है. इसलिए भोजन की मात्रा से ज्यादा उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है.
प्रेगनेंसी में ओवर ईटिंग से बचने के आसान टिप्स
थोड़ा थोड़ा लेकिन बार बार खाएं
दिन में तीन बार बहुत ज्यादा खाना खाने की बजाय 5 से 6 छोटे मील लें. इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और एक साथ ज्यादा खाने की संभावना कम हो जाती है.
हर भोजन में प्रोटीन शामिल करें
दाल, पनीर, अंडा, दही, दूध, सोया, चना और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं. इससे बार बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है.
फाइबर युक्त आहार बढ़ाएं
फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, साबुत अनाज और ओट्स जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ पाचन को बेहतर रखते हैं और लंबे समय तक तृप्ति का एहसास कराते हैं.
पर्याप्त पानी पिएं
कई बार प्यास को भी भूख समझ लिया जाता है. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और अनावश्यक स्नैकिंग कम हो सकती है.
जंक फूड घर में कम रखें
अगर घर में चिप्स, मिठाइयां, कोल्ड ड्रिंक और तले हुए स्नैक्स आसानी से उपलब्ध होंगे तो उन्हें खाने की इच्छा बढ़ सकती है. इनके स्थान पर फल, मेवे और हेल्दी स्नैक्स रखें.
धीरे धीरे और ध्यान से खाएं
जल्दी जल्दी खाना खाने से पेट भरने का संकेत दिमाग तक देर से पहुंचता है. धीरे चबाकर खाने से कम मात्रा में भी संतुष्टि मिल सकती है.
भोजन न छोड़ें
नाश्ता या कोई मील छोड़ने से बाद में बहुत ज्यादा भूख लग सकती है, जिससे ओवर ईटिंग का खतरा बढ़ जाता है. समय पर भोजन करना बेहतर विकल्प है.
मीठा खाने की इच्छा को समझदारी से पूरा करें
अगर मीठा खाने का मन हो तो ताजे फल, दही या सीमित मात्रा में हेल्दी विकल्प चुनें. रोजाना ज्यादा मिठाई और शक्कर वाले खाद्य पदार्थों से बचें.
डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की शारीरिक गतिविधि करें
यदि गर्भावस्था सामान्य है और डॉक्टर अनुमति देते हैं, तो हल्की वॉक या प्रेगनेंसी एक्सरसाइज भूख और वजन दोनों को संतुलित रखने में मदद कर सकती है.
किन बातों का विशेष ध्यान रखें?
हर गर्भवती महिला की पोषण संबंधी जरूरत अलग हो सकती है. यदि जुड़वा गर्भ, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो डाइट हमेशा डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही तय करें. बिना सलाह के वजन घटाने वाली डाइट या लंबे समय तक भूखे रहने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.
कब डॉक्टर से सलाह लें?
यदि बहुत ज्यादा भूख लग रही हो, तेजी से वजन बढ़ रहा हो, लगातार मीठा खाने की तीव्र इच्छा हो या गर्भकालीन मधुमेह का जोखिम हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. समय पर जांच और सही डाइट प्लान मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है.
प्रेगनेंसी के दौरान जरूरत से ज्यादा खाना खाने की बजाय संतुलित, पौष्टिक और सही मात्रा में भोजन करना सबसे बेहतर तरीका है. छोटे छोटे मील, पर्याप्त पानी, प्रोटीन और फाइबर युक्त आहार, साथ ही डॉक्टर की सलाह के अनुसार सक्रिय जीवनशैली अपनाकर ओवर ईटिंग से बचा जा सकता है. स्वस्थ खानपान न केवल मां को फिट रखता है, बल्कि शिशु के बेहतर विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
सोर्स: World Health Organization (WHO), American College of Obstetricians and Gynecologists (ACOG), National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK), UNICEF.


