पश्चिमी प्रशांत महासागर में इस समय एक साथ तीन तूफान सक्रिय हैं. टाइफून चोई-वान, टाइफून नोलो और ट्रॉपिकल स्टॉर्म कोगुमा अलग-अलग इलाकों में आगे बढ़ रहे हैं. अक्टूबर में एक साथ तीन ट्रॉपिकल सिस्टम का सक्रिय होना करीब पांच साल बाद देखा गया है.
इन तीनों तूफानों की वजह से जापान के कुछ समुद्री इलाकों में ऊंची लहरें उठ सकती हैं और समुद्र में हलचल बढ़ सकती है. हालांकि, फिलहाल जापान के मुख्य द्वीपों पर बड़े नुकसान का खतरा नहीं बताया गया है.
तीनों तूफान एक-दूसरे से काफी दूर हैं और इनकी ताकत भी अलग-अलग है. चोई-वान जापान के ओगासावारा द्वीपों से दूर उत्तर की ओर बढ़ रहा है. नोलो पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि कोगुमा अभी कमजोर है और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है.
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चोई-वान की रफ्तार 30 किमी प्रति घंटा
चोई-वान मंगलवार को ओगासावारा द्वीपों से दूर उत्तर की ओर बढ़ रहा था. इसकी रफ्तार करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटा थी. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, इसके केंद्र में वायुदाब 960 हेक्टोपास्कल था.
चोई-वान की लगातार हवा की रफ्तार 144 किलोमीटर प्रति घंटा और हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 198 किलोमीटर प्रति घंटा तक थी.
बुधवार तक चोई-वान के तेजी से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने का अनुमान है. इसके बाद यह धीरे-धीरे टाइफून से अलग तरह के तूफान में बदल सकता है. हालांकि, इसके कारण समुद्र में उठी लहरों का असर कुछ समय तक रह सकता है.
ओगासावारा और इजू द्वीपों के आसपास समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं. जापान के पूर्वी प्रशांत तट पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है.
नोलो भी है बेहद ताकतवर
नोलो मंगलवार दोपहर तक एक मजबूत टाइफून बना हुआ था. यह वेक आइलैंड्स के पास करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा था.
इसके केंद्र में वायुदाब 965 हेक्टोपास्कल था. नोलो की लगातार हवा की रफ्तार 162 किलोमीटर प्रति घंटा और तेज झोंकों की रफ्तार 216 किलोमीटर प्रति घंटा तक थी.
नोलो की एक खास बात यह है कि यह इंटरनेशनल डेट लाइन के पूर्व में बना था. बाद में यह इस लाइन को पार करके पश्चिमी प्रशांत में पहुंचा. इसके बाद यह जापान के मौसम विभाग की निगरानी वाले इलाके में आया.
ऐसे तूफान को ट्रांसबाउंड्री टाइफून कहा जाता है. इससे पहले ऐसा मामला अगस्त 2023 में देखा गया था.
कोगुमा भी तेजी से मजबूत हो सकता है
कोगुमा इन तीनों में सबसे नया तूफान है. यह सोमवार को मार्शल आइलैंड्स के पास बना था. मंगलवार को यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा था.
उस समय इसकी लगातार हवा की रफ्तार करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटा और तेज झोंकों की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटा थी. इसके केंद्र में वायुदाब 1000 हेक्टोपास्कल था.
मौसम विभाग का अनुमान है कि कोगुमा आने वाले दिनों में मजबूत हो सकता है. इस हफ्ते के आखिर तक यह टाइफून की ताकत हासिल कर सकता है.
शनिवार तक इसके केंद्र का वायुदाब करीब 950 हेक्टोपास्कल और हवा की अधिकतम रफ्तार 144 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है. इसके तेज झोंके 216 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं.
पांच साल बाद एक साथ तीन तूफान
पश्चिमी प्रशांत में अक्टूबर के दौरान एक साथ तीन ट्रॉपिकल सिस्टम का सक्रिय होना आम नहीं है. जापान वेदर एसोसिएशन के मुताबिक, अक्टूबर में इससे पहले ऐसा करीब पांच साल पहले हुआ था.
इस बार तीनों तूफान अलग-अलग जगहों पर हैं और अलग-अलग दिशा में बढ़ रहे हैं. इस साल पश्चिमी प्रशांत में टाइफून की संख्या भी सामान्य से ज्यादा रही है.
6 अक्टूबर तक 2026 में 29 टाइफून दर्ज किए जा चुके थे. लंबे समय के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर इस अवधि में यह संख्या करीब 20 के आसपास रहती है.
फिलहाल जापान के मुख्य द्वीपों पर बड़े स्तर पर नुकसान की आशंका नहीं है. हालांकि, ओगासावारा और इजू द्वीपों के आसपास समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं. होंशू के प्रशांत तट पर भी समुद्री लहरें तेज हो सकती हैं.
मौसम विभाग तीनों तूफानों की दिशा और ताकत पर नजर रख रहा है. खासकर कोगुमा पर नजर है, क्योंकि यह आने वाले दिनों में और मजबूत हो सकता है.
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