भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई. कैबिनेट ने 24,500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास और कल्याणकारी प्रस्तावों को मंजूरी दी. बैठक में अग्निवीरों को राज्य की कई वर्दीधारी सरकारी सेवाओं की भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला भी किया गया.
यह भी पढ़ें- दिल्ली से कोलकाता अब 16-17 घंटे की दूरी! 1,500 KM का एक्सप्रेसवे नेटवर्क यूपी-बिहार समेत 5 राज्यों को जोड़ेगा
अग्निवीरों को इन भर्तियों में मिलेगा 20% आरक्षण
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल (SAF), जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसे पदों की भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अग्निवीरों की पहली बैच के चार साल का कार्यकाल पूरा होने का समय करीब है. केंद्र सरकार ने भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग आरक्षण व्यवस्था की है.
गेस्ट टीचरों के लिए 5,329 करोड़ रुपये
शिक्षा क्षेत्र में कैबिनेट ने 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए अतिथि शिक्षक मानदेय योजना जारी रखने के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. राज्य के सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में फिलहाल 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं. सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए भी 348.07 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. यह राशि DBT के माध्यम से छात्रों या उनके अभिभावकों को दी जाएगी.
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 3,245 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं को जारी रखने के लिए 3,245.80 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण तथा ड्रग रेगुलेटरी सिस्टम और औषधि नियंत्रण को मजबूत करना शामिल है. सिंगरौली जिला अस्पताल के विस्तार के लिए संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति को भी मंजूरी दी गई है. अस्पताल को 450 से बढ़ाकर 605 बेड करने के लिए 372.12 करोड़ रुपये खर्च होंगे. वहीं, छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल और उससे जुड़े भवनों के निर्माण के लिए 953.69 करोड़ रुपये की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.
दमोह-कटनी फोरलेन सड़क को मंजूरी
कैबिनेट ने 105.10 किलोमीटर लंबे दमोह-कटनी फोरलेन मार्ग के निर्माण के लिए 4,470.30 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है. यह सड़क पक्के शोल्डर के साथ हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत बनाई जाएगी.
सिंचाई परियोजनाओं पर भी बड़ा खर्च
सिंचाई क्षेत्र में कई परियोजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी गई है. इनमें मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना, दतिया के लिए 1,608.02 करोड़ रुपये, रामपुरा-मनासा माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना नीमच 524.65 करोड़ रुपये, बांदा वृहद सिंचाई परियोजना सागर 1,052 करोड़ रुपये, कान्ह डायवर्जन क्लोज्ड डक्ट प्रोजेक्ट उज्जैन 358.22 करोड़ रुपये शामिल हैं. कान्ह डायवर्जन परियोजना के तहत प्रदूषित पानी को भूमिगत सुरंग और कवर्ड कैनाल के जरिए डायवर्ट किया जाना है, ताकि यह पानी शिप्रा नदी में न पहुंचे. परियोजना को सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
ग्रामीण विकास फंड के लिए 3,580 करोड़
कैबिनेट ने जमीन के लेन-देन से मिलने वाले सेस को ग्रामीण विकास फंड में ट्रांसफर करने की योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 3,580.22 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.
न्यायिक ढांचे पर भी बड़ा फैसला
विधि एवं विधायी कार्य विभाग की 14 योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि में जारी रखने के लिए 1,342.48 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इस राशि का इस्तेमाल न्यायिक बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए किया जाएगा. इसमें हाईकोर्ट भवन और आवासीय परिसरों, महाधिवक्ता कार्यालय और राज्य न्यायिक अकादमी से जुड़े कार्य शामिल हैं. अधीनस्थ अदालतों में न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और यात्रा खर्च के लिए 622.37 करोड़ रुपये की भी मंजूरी दी गई है.
इन फैसलों को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू कल्याण विभाग के हॉस्टल, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केंद्रों में रहने वाले लोगों के भोजन के लिए 1 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दी. इसके अलावा मौगंज, छिंदवाड़ा, मैहर और टीकमगढ़ में जिला हथकरघा कार्यालयों के लिए 12 नए पद सृजित करने तथा हथकरघा संचालनालय के लिए 2.41 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं.
यह भी पढ़ें- Namo Bharat Train: गुरुग्राम में नमो भारत स्टेशनों के आसपास बनेंगी बहुमंजिला इमारतें, 1.5 KM तक लागू होगी TOD पॉलिसी
वन उपज और खनिज वन उपज के परिवहन के लिए संशोधित ट्रांजिट फीस दरों को भी मंजूरी दी गई. वहीं, केंद्र प्रायोजित योजना के तहत स्वीकृत न्यायालय भवन निर्माण कार्यों की लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए राज्य सरकार को 691.01 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति दी गई है. मध्य प्रदेश कैबिनेट के इन फैसलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, ग्रामीण विकास, न्यायिक ढांचे और रोजगार से जुड़े कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है. अग्निवीरों के लिए वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत आरक्षण का फैसला भी बैठक के प्रमुख निर्णयों में रहा.


