Pratapgarh Greenfield Bypass: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो चुकी है. जिले में 52 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड बाईपास का निर्माण जल्द शुरू होने जा रहा है. इस परियोजना के लिए 330 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसके बदले किसानों को करीब 300 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा. प्रशासन का दावा है कि 80 प्रतिशत जमीन मिलते ही निर्माण कार्य धरातल पर दिखाई देने लगेगा.
पेठा से पेड़ा तक… मिठास में डूबा यूपी, ODOC में इन 10 जिलों ने बढ़ाई स्वाद की शान
कहां से कहां तक बनेगा बाईपास?
यह बाईपास वर्मानगर से चिरकुट्टी तक बनाया जाएगा और रायबरेली-जौनपुर हाईवे पर पड़ने वाले लालगंज, मोहनगंज, पृथ्वीगंज और रानीगंज जैसे बाजारों को जाम से बड़ी राहत देगा. वर्षों से भारी वाहनों और बढ़ते ट्रैफिक के कारण परेशान लोगों के लिए यह परियोजना किसी बड़ी सौगात से कम नहीं मानी जा रही.
कितने गांवों से होकर गुजरेगा?
बताया जा रहा है कि यह दो लेन का ग्रीनफील्ड बाईपास 47 गांवों से होकर गुजरेगा. इसके साथ ही सुगम यातायात के लिए 2 फ्लाईओवर, 2 अंडरपास, 41 बॉक्स कलवर्ट और 33 पाइप कलवर्ट भी बनाए जाएंगे. इससे न सिर्फ सफर आसान होगा बल्कि हादसों में भी कमी आने की उम्मीद है.
मुख्य राजस्व अधिकारी ने क्या बताया?
प्रशासन के अनुसार जिले में पहले से चल रहे सड़क और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स के बाद यह बाईपास प्रतापगढ़ की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा. गंगा एक्सप्रेसवे के बाद अब यह नया बाईपास जिले के विकास को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है. मुख्य राजस्व अधिकारी अजय तिवारी ने बताया कि भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है और उम्मीद है कि इसी माह या अगले माह तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. इसके बाद निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा.
किडनी स्टोन और दही: क्या यह ‘अमृत’ है या ‘जहर’? जानिए डॉक्टर की राय और वैज्ञानिक सच
जाम से मिलेगी राहत
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास बनने के बाद शहर में लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी, व्यापार को गति मिलेगी और गांवों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी. किसानों को मिलने वाला मुआवजा भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम करेगा.


